रामगढ़ के कृषि विज्ञान केंद्र नौगांवा में एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स के दीक्षांत समारोह और नए बैच के शुभारंभ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री संजय शर्मा थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. शीशराम ढाका, केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सुभाष चंद्र यादव, सियाम निदेशक श्री हिरेंद्र शर्मा, और उप निदेशक श्री एस.एस. राजावत उपस्थित रहे।
पाठ्यक्रम की महत्ता पर चर्चा
केंद्र के अध्यक्ष डॉ. सुभाष चंद्र यादव ने डिप्लोमा कोर्स की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कृषि क्षेत्र में आदान विक्रेताओं की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम आदान विक्रेताओं को विभिन्न रसायनों के उचित उपयोग और किसानों को सही मार्गदर्शन देने में सक्षम बनाएगा।
प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. शीशराम ढाका ने बताया कि आदान विक्रेता किसानों के सीधे संपर्क में होते हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे अपने ज्ञान का उपयोग किसानों को सही जानकारी देने में करें, जिससे पर्यावरण संरक्षण और खाद्यान्न उत्पादन में योगदान दिया जा सके।
वन एवं पर्यावरण मंत्री का संदेश
मुख्य अतिथि श्री संजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को खाद्यान्न उत्पादन में अग्रणी बनाने में आदान विक्रेताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि आदान विक्रेता पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाते हैं।
आभार और शुभकामनाएं
कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालय नौगांवा की अधिष्ठाता डॉ. सुमन खंडेलवाल ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया और नए बैच के विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर क्षेत्रीय निदेशक अनुसंधान नौगांवा श्री गोपाल लाल चौधरी और विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन
इस आयोजन ने कृषि क्षेत्र में आदान विक्रेताओं की भूमिका और डिप्लोमा पाठ्यक्रम की उपयोगिता को लेकर नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान की।















