मुजफ्फरनगर में ‘समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ अभियान के तहत संवाद व विचार-मंथन कार्यशाला आयोजित

मुजफ्फरनगर में ‘समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ अभियान के अंतर्गत आईटीआई कॉलेज में प्रथम व द्वितीय पाली में अधिकारियों, व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों तथा नागरिकों के लिए विशेष संवाद व विचार-मंथन कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला का शुभारंभ नोडल अधिकारी व आयुक्त सहारनपुर मंडल अटल कुमार राय और प्रबुद्धजनों ने दीप प्रज्वलित कर किया। उपस्थित अतिथियों का स्वागत जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने किया। राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त प्रबुद्धजन सेवानिवृत्त आईएएस चौबे सिंह वर्मा, सेवानिवृत्त आईपीएस रंजन द्विवेदी, डीएवी कॉलेज की प्रोफेसर सुनीता शर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रोफेसर हंसराज सिंह और लोक निर्माण विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष सलेक चंद्र ने विकसित उत्तर प्रदेश 2047 तक के रोडमैप पर अपने विचार रखे।कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जानकारी दी। शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों ने निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों को सभी विषयों में दक्ष बनाने, सभी विद्यालयों को स्मार्ट क्लास, एलबीडी लैब व आईसीटी लैब से जोड़ने, आरटीई 2009 मानकों के अनुरूप शिक्षकों के समायोजन, अभिभावक जागरूकता के लिए पीटीएम व ग्राम प्रधान संगोष्ठियों के आयोजन, मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट स्कूल और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों को उच्चीकृत कर कक्षा 6 से 12 तक निःशुल्क शिक्षा की सुविधा जैसे कदमों की जानकारी दी।लोक निर्माण विभाग ने बताया कि विभिन्न योजनाओं के तहत सड़कों का निर्माण, चौड़ीकरण और गड्ढा-मुक्त करने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाई जा रही है। विभाग के अनुसार 125 से अधिक आबादी वाले गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ा जा चुका है और ग्राम नगला में अटल आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया गया है। पुलिस विभाग ने मिशन शक्ति, 112 नंबर, एंटी रोमियो स्क्वॉड, ऑपरेशन त्रिनेत्र, ऑपरेशन पहचान, साइबर अपराध नियंत्रण व यातायात प्रबंधन जैसी योजनाओं के जरिए नागरिक सुरक्षा के उपायों से अवगत कराया।द्वितीय पाली में व्यापारी और औद्योगिक संगठनों को उपायुक्त उद्योग विभाग ने ओडीओपी और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना जैसी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के सचिव ने भी जिले में विभिन्न विकास कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।नोडल अधिकारी अटल कुमार राय ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य आम जनता से सुझाव लेकर वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश का विजन तैयार करना है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला प्रदेश को समर्थ और विकसित बनाने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने बताया कि विकसित प्रदेश और विकसित देश के लिए सस्टेनेबल इकोनॉमी, मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर और नागरिकों की उन्नत जीवनशैली आवश्यक है। उन्होंने प्रदेश की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि 2017 में प्रदेश की जीडीपी 13 लाख करोड़ थी, जो अब 30 लाख करोड़ से अधिक हो चुकी है। देश की अर्थव्यवस्था भी 2015 में 2.1 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 2025 में 4.2 ट्रिलियन डॉलर हो गई है और जल्द ही भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।जिलाधिकारी ने बताया कि ‘समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ को साकार करने के लिए जनपद का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है, जिसमें नागरिकों की आकांक्षाओं को शामिल कर उन्हें विकास में सहभागी बनाया जाएगा। नागरिक अपने सुझाव सीधे ऑनलाइन पोर्टल https://samarthuttarpradesh.up.gov.in पर दर्ज कर सकते हैं या क्यूआर कोड स्कैन कर भेज सकते हैं। कार्यशाला में अधिकारियों, वरिष्ठ नागरिकों, छात्र-छात्राओं, व्यापारी और उद्यमी संगठनों ने अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए।इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, अपर जिलाधिकारी वित्त व राजस्व गजेंद्र कुमार नगर, मजिस्ट्रेट पंकज कुमार राठौर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुनील तेवतिया, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, एमडीएस सचिव, उपयुक्त उद्योग जैस्मिन, श्रम आयुक्त सहित अन्य अधिकारीगण, व्यापारी व औद्योगिक संगठन उपस्थित रहे।

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