राजगढ़ (अलवर) में नवरात्र स्थापना के शुभ अवसर पर कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालु भक्तों ने जोश और भक्ति भाव के साथ नवरात्रों का आरंभ किया। घर-घर और मंदिरों में घट स्थापना कर माता की पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने जल से भरे घट पर चुनरी, नारियल, पुष्प, फूलमाला, पानी, सुपारी, फल और मेवा-मिष्ठान का भोग लगाकर माता से खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की।
फतेहबुर्ज और माचाड़ी सड़क मार्ग पर दुर्गा माता, गायत्री शक्तिपीठ सहित अन्य मंदिरों को आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया गया। विशेष पूजा-अर्चना और भव्य सजावट ने शहर के नवरात्र उत्सव को और भी आकर्षक बना दिया। मंदिरों पर सुबह से ही माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। लोगों ने भक्ति गीत गाते हुए और जयकारे लगाते हुए माता की उपासना की।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस अवसर पर सुरक्षा और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा। मंदिरों के आसपास मार्गों को व्यवस्थित किया गया ताकि श्रद्धालु आसानी से पूजा-अर्चना में शामिल हो सकें। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बच्चे, युवा और वृद्धजन भी शामिल होकर उत्सव को जीवंत बनाया। नवरात्र के दौरान शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया, जिससे वातावरण और भी उत्साहपूर्ण बना।
श्रद्धालुओं का उत्साह और भक्ति भावना ने पूरे शहर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। नवरात्र उत्सव के इस प्रारंभिक दिन ने सभी के चेहरों पर मुस्कान और मन में खुशी का संचार कर दिया। इस प्रकार राजगढ़ में नवरात्र का पर्व श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति के साथ धूमधाम से मनाया गया।















