जयपुर – उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने मिलिट्री स्टेशन में सप्त शक्ति कमांड द्वारा आयोजित ‘वीर नारी एवं वीरांगना मिलन समारोह’ में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले वीर जवानों की वीरांगनाओं को सम्मानित किया और उनके त्याग को नमन किया।
राजस्थान में वीरांगनाओं की समृद्ध विरासत है, जहां 11,443 वीर नारियां हैं। समारोह में जयपुर, दौसा और अलवर जिलों से 67 वीर नारियों ने भाग लिया। इनके अलावा भूतपूर्व सैनिक, सेवारत सैनिक और उनके परिवार भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में उनके बलिदान और योगदान की सराहना करते हुए वीर नारियों को सम्मानित किया।
अपने संबोधन में दिया कुमारी ने सैनिकों और गौरव सेनानियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वीर नारियों ने अपने परिवारों और समाज के लिए शक्ति का स्तंभ बनकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही, उन्होंने महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और वीरांगनाओं के कल्याण के लिए सप्त शक्ति कमांड द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवार भी शौर्य और त्याग की मिसाल हैं, जो पूरा जीवन एक तपस्या की तरह निभाते हैं। समाज वीर नारियों और वीरांगनाओं का सदैव ऋणी रहेगा, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर रणभूमि तक राष्ट्र के प्रति अपनी भूमिका निभाई है।
दिया कुमारी ने कहा कि भारतीय सेना देश का गौरव है और इसके शौर्य पर हर भारतीय को गर्व है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में सेना सशक्त और आत्मनिर्भर बनी है।
उन्होंने Army Wives Welfare Association (AWWA) की अध्यक्ष मनजिंदर सिंह के नेतृत्व में सैनिक परिवारों के कल्याण, बच्चों की शिक्षा, वीर नारियों के सशक्तिकरण और रोजगार के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।
अपने पूर्व संसदीय कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सवाई माधोपुर में सैनिक भर्ती शिविर आयोजित करवाए गए थे और राजसमंद में बड़ी संख्या में सैनिक परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए ब्यावर में CSD कैंटीन एक्सटेंशन काउंटर खुलवाया गया था। इसी तरह, विधानसभा क्षेत्र विद्याधर नगर में सैनिक स्कूल की स्थापना भी की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में शहीदों, महापुरुषों और वीरांगनाओं को सम्मान देने की परंपरा को और मजबूती मिली है। उनका प्रयास रहेगा कि वीर नारियों और सैनिकों के हित में हरसंभव कार्य किए जाएं।
इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह, एडमिरल माधवेंद्र सिंह, आरपीए बरिंदरजीत कौर सहित सेना के कई अधिकारी और वीरांगनाएं उपस्थित रहीं।















