ग्रेटर नोएडा में घने कोहरे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर दृश्यता बेहद कम होने के कारण दो अलग-अलग स्थानों पर बड़े सड़क हादसे हो गए। इन दुर्घटनाओं में एक दर्जन से अधिक वाहन आपस में टकरा गए, जिससे एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंच गए, जिससे स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।
जानकारी के अनुसार, पहला हादसा चक्रसेनपुर फ्लाईओवर के पास हुआ, जहां घने कोहरे के कारण आगे चल रहे वाहनों का सही अंदाजा नहीं लग पाया। अचानक ब्रेक लगने से तीन गाड़ियां आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा।
इसी दौरान दूसरा और अधिक गंभीर हादसा समाधिपुर फ्लाईओवर के पास हुआ। यहां कोहरे की चादर इतनी घनी थी कि दृश्यता कुछ मीटर तक सिमट गई। तेज रफ्तार और कम विजिबिलिटी के चलते एक के बाद एक करीब एक दर्जन वाहन आपस में टकरा गए। इसमें कार, ट्रक और अन्य हल्के व भारी वाहन शामिल बताए जा रहे हैं। टक्कर के बाद एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हादसों की सूचना मिलते ही पुलिस और एक्सप्रेसवे की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पतालों में भिजवाया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन की सहायता से हटवाया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात बहाल किया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सर्दियों के मौसम में घना कोहरा लगातार हादसों का कारण बन रहा है। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के दौरान वाहन धीमी गति से चलाएं, फॉग लाइट का सही इस्तेमाल करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। साथ ही, अनावश्यक ओवरटेकिंग से बचें।















