मुजफ्फरनगर। तहसील मुख्यालय बुढ़ाना में खेल स्टेडियम की लंबे समय से चली आ रही मांग अब जोर पकड़ने लगी है। क्षेत्र के खिलाड़ियों, युवाओं और सामाजिक संगठनों का कहना है कि बुढ़ाना जैसे महत्वपूर्ण कस्बे में आज तक एक भी खेल स्टेडियम का निर्माण नहीं हो सका है, जिसके कारण स्थानीय प्रतिभाओं को पर्याप्त अवसर और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि खेलों में रुचि रखने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन अभ्यास के लिए उचित मैदान और आवश्यक संसाधनों के अभाव में उनकी प्रतिभा दबकर रह जाती है।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल रजिस्टर्ड, बुढ़ाना के अध्यक्ष संजीव कुमार संगल ने कहा कि उत्तर प्रदेश खेल प्रतिभाओं से समृद्ध प्रदेश है, लेकिन ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में बुनियादी खेल सुविधाओं की कमी खिलाड़ियों के विकास में बड़ी बाधा बन रही है। उनका कहना है कि यदि बुढ़ाना में एक आधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण किया जाता है तो इससे न केवल क्षेत्र के युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण और अभ्यास का अवसर मिलेगा, बल्कि खेल संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि खेल गतिविधियों के विस्तार से युवाओं को सकारात्मक दिशा मिलेगी और वे नशे व अन्य सामाजिक बुराइयों से भी दूर रहेंगे।
स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत की डीएवी पीजी कॉलेज के पीछे स्थित करीब छह बीघा खाली भूमि पर स्टेडियम निर्माण की मांग उठाई है। उनका मानना है कि यह स्थान खेल परिसर के लिए उपयुक्त है और यहां आसानी से खिलाड़ियों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। क्षेत्र निवासी राजपाल ने सरकार से इस मांग पर गंभीरता से विचार करने की अपील करते हुए कहा कि स्टेडियम बनने से बुढ़ाना के खिलाड़ियों को अपने ही क्षेत्र में अभ्यास और प्रतियोगिताओं की सुविधाएं मिलेंगी। इससे भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी तैयार हो सकेंगे।















