नगर विधायक एवं उत्तर प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने विधानसभा में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुड़े अहम जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया। उन्होंने मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की लंबे समय से चली आ रही मांग को प्रमुखता से रखते हुए कहा कि वर्तमान में न्यायिक कार्यों के लिए क्षेत्र के लोगों को दूरस्थ स्थानों पर जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। उन्होंने कहा कि यदि मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना होती है तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों को सुलभ, त्वरित और किफायती न्याय मिल सकेगा। इससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी और आमजन को बड़ी राहत मिलेगी।
इसके साथ ही मंत्री ने मेरठ में एम्स जैसी उच्चस्तरीय स्वास्थ्य संस्था की स्थापना की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गंभीर और सुपर स्पेशियलिटी उपचार के लिए क्षेत्र की जनता को दिल्ली सहित अन्य बड़े महानगरों का रुख करना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि मेरठ में एम्स की स्थापना होती है तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी को उन्नत, आधुनिक और जीवनरक्षक स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी। इससे स्वास्थ्य सुविधाओं का विकेंद्रीकरण होगा और क्षेत्रीय विकास को भी बल मिलेगा।
सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए कपिल देव अग्रवाल ने वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांगजन पेंशन में की गई बढ़ोतरी के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पेंशन राशि में वृद्धि सरकार की संवेदनशील और जनहितैषी सोच को दर्शाती है। इससे समाज के कमजोर, जरूरतमंद और वंचित वर्गों को आर्थिक संबल मिलेगा और उनका जीवन स्तर बेहतर होगा।मंत्री ने आशा जताई कि सरकार इन महत्वपूर्ण मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा देगी तथा न्याय और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल करेगी।















