दिल्ली में नई गठित रेखा सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सरकारी संस्थाओं में की गई 177 मनोनीत नियुक्तियों को रद्द कर दिया है। यह निर्णय सत्ता संभालने के कुछ ही हफ्तों के भीतर लिया गया, जिससे सरकार के साफ-सुथरे और पारदर्शी प्रशासन के इरादों का संकेत मिलता है।
सूत्रों के अनुसार, इन नियुक्तियों की समीक्षा में पाया गया कि इनमें से कई राजनीतिक आधार पर की गई थीं और इनमें योग्यता तथा प्रक्रिया की अनदेखी की गई थी। रद्द की गई नियुक्तियों में विभिन्न बोर्ड, निगम, आयोग और सलाहकार समितियों के सदस्य शामिल हैं।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सरकार संस्थाओं को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त कर, जनहित में कार्य करने वाले योग्य और निष्पक्ष व्यक्तियों को नियुक्त करना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि अब सभी नियुक्तियां पारदर्शी चयन प्रक्रिया के तहत की जाएंगी।
राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को साहसिक कदम माना जा रहा है, जो सत्ता में बदलाव के साथ प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार का संकेत देता है। विपक्ष ने हालांकि इस फैसले को ‘राजनीतिक बदले’ की संज्ञा दी है, जबकि आम जनता और विशेषज्ञों ने इसे स्वागतयोग्य कदम बताया है।रेखा सरकार के इस निर्णय से यह संकेत मिला है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े प्रशासनिक सुधार देखे जा सकते हैं।















