एआई पर दिल्ली डेक्लरेशन आज जारी, 80 देशों के हस्ताक्षर की उम्मीद; भारत 20 लाख युवाओं को देगा प्रशिक्षण

नई दिल्ली में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट के समापन अवसर पर आज ‘दिल्ली डेक्लरेशन’ जारी किया जाएगा, जिसे वैश्विक स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सुरक्षित, पारदर्शी और समावेशी उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है। इस घोषणा-पत्र पर 80 देशों के हस्ताक्षर होने की उम्मीद जताई गई है, जबकि अब तक 70 देश अपनी सहमति दे चुके हैं। इससे स्पष्ट है कि एआई को लेकर भारत की पहल को व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिल रहा है। समिट में नीति-निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और स्टार्टअप संस्थापकों सहित लगभग पांच लाख लोगों ने प्रत्यक्ष और डिजिटल माध्यम से भागीदारी की, जो इस आयोजन की वैश्विक पहुंच और महत्व को दर्शाता है।

दिल्ली डेक्लरेशन में एआई के जिम्मेदार उपयोग, डेटा सुरक्षा, पारदर्शिता, एल्गोरिदमिक जवाबदेही, साइबर सुरक्षा और मानव-केंद्रित विकास जैसे प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनने की बात सामने आई है। दस्तावेज में इस बात पर जोर दिया गया है कि एआई तकनीक का उपयोग मानवाधिकारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय के अनुरूप होना चाहिए। साथ ही विकासशील देशों को तकनीकी संसाधनों और क्षमता निर्माण में सहयोग देने की रूपरेखा भी शामिल की गई है, ताकि एआई का लाभ केवल चुनिंदा देशों तक सीमित न रहे।

समिट के दौरान भारत ने यह भी घोषणा की कि वह आने वाले वर्षों में 20 लाख युवाओं को एआई से संबंधित प्रशिक्षण देगा। इस पहल का उद्देश्य देश के युवाओं को उभरती तकनीकों के अनुरूप कौशल प्रदान करना और वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत को एआई टैलेंट हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।

इसके अलावा डेटा प्रोटेक्शन और वैश्विक सप्लाई चेन के संदर्भ में भी भारत को एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में देखा जा रहा है। कई देशों ने सुरक्षित डेटा प्रबंधन, भरोसेमंद डिजिटल अवसंरचना और स्थिर नीति ढांचे के कारण भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई है। ऐसे में आज जारी होने वाला दिल्ली डेक्लरेशन न केवल एआई गवर्नेंस के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा, बल्कि भारत की वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की भूमिका को भी और मजबूत करेगा।

5 लाख लोगों ने लिया AI समिट में हिस्सा

वैष्णव ने समिट की भागीदारी के बारे में बात करते हुए कहा कि पांच लाख से ज्यादा लोगों ने इसमें हिस्सा। भारत ने बतौर बड़े एआई खिलाड़ी अपनी क्षमताएं जाहिर की। समिट में बहुत अच्छे सेशन हुए। वैष्णव ने कहा कि भारत 20 लाख लोगों को प्रशिक्षित करेगा , लेकिन इसका क्या फॉर्मेट बनना है, इसे लेकर इंडस्ट्री से बात हो रही है । वैष्णव ने पैक्स सिलिका अलायंस को लेकर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रिजिलियंट सप्लाई चेन के लिए जरूरी है। हम एक विश्वसनीय साझेदार की तरह देखे जाते हैं।

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