रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 2 देशों की चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर रवाना हो गए हैं. इस दौरे का मुख्य मकसद इंडो-पैसिफिक यानी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देना, सैन्य सहयोग को मजबूत करना और रक्षा उद्योगों के बीच साझेदारी को बढ़ाना है. राजनाथ ने दौरे से पहले कहा कि हम सैन्य सहयोग को और मजबूत करने तथा समुद्री सहयोग को बढ़ावा देने पर फोकस रहेगा.विदेश दौरे के पहले चरण में रक्षा मंत्री वियतनाम (18 और 19 मई) जाएंगे. यह दौरा दोनों देशों के बीच ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के 10 साल पूरे होने के मौके पर हो रहा है, जिसे इसी महीने की शुरुआत में वियतनाम के राष्ट्रपति के भारत दौरे के समय और अपग्रेड किया गया है.वियतनाम दौरे पर रवाना होने से पहले अपने सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट में राजनाथ ने कहा, “मैं रणनीतिक सैन्य सहयोग को गहरा करने, रक्षा औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने वाले समुद्री सहयोग को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करूंगा.
रक्षा साझेदारी विजन पर होगा मंथन
दौरे के दौरान रक्षा मंत्री वहां पर वियतनाम के रक्षा मंत्री जनरल फान वैन गियांग के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे. मुलाकात के दौरान दोनों नेता साल 2022 में तय किए गए ‘रक्षा साझेदारी विजन 2030’ के तहत मिलकर आगे बढ़ने की रणनीति पर चर्चा करेंगे. इस विजन के जरिए दोनों देश आगे का रोडमैप तैयार कर रहे हैं.रक्षा मंत्री से पहले वियतनाम के राष्ट्रपति ‘तो लाम’ ने महीने की शुरुआत (5 से 7 मई) में भारत की अपनी पहली 3 दिवसीय राजकीय यात्रा की. बतौर राष्ट्रपति लाम अपने पहले भारत दौरे पर दिल्ली आए थे.पीएम नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हुए इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को ‘विस्तृत व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Enhanced Comprehensive Strategic Partnership) के स्तर पर ले जाना है.
वियतनाम के बाद दक्षिण कोरिया का दौरा
2 दिन का वियतनाम दौरा पूरा करने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कल मंगलवार को दक्षिण कोरिया के लिए रवाना हो जाएंगे. वह 21 मई तक दक्षिण कोरिया के दौरे पर रहेंगे. भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और दक्षिण कोरिया की ‘इंडो-पैसिफिक रणनीति’ के बीच का यह तालमेल दोनों देशों के रिश्तों के लिए काफी अहम माना जा रहा है.रक्षा मंत्री सियोल में अपने दौरे के दौरान दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री ‘अह्न ग्यू-बैक’ के साथ बैठक करेंगे और आपसी सहयोग के नए रास्तों पर चर्चा करेंगे. इसके अलावा, वे रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन (DAPA) के मंत्री ‘ली योंग-चियोल’ से भी मुलाकात करेंगे और भारत-कोरिया बिजनेस राउंडटेबल की अध्यक्षता करेंगे.















