मुजफ्फरनगर। शहर के पॉश इलाके महावीर चौक स्थित एक लंबे समय से बंद पड़ी कोठी में तैनात चौकीदार का शव उसी कोठी के स्विमिंग पूल में तैरता मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सुबह जब आसपास के लोगों को इस घटना की जानकारी मिली तो मौके पर भारी भीड़ एकत्र हो गई। सूचना मिलते ही थाना सिविल लाइन पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और हालात का जायजा लेते हुए शव को कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि संबंधित कोठी काफी समय से बंद थी और उसकी देखरेख तथा सुरक्षा की जिम्मेदारी एक चौकीदार को सौंपी गई थी। शनिवार को अचानक उसका शव कोठी परिसर में बने स्विमिंग पूल में दिखाई दिया, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और फील्ड यूनिट को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कराए गए। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई ताकि घटना से जुड़े संभावित तथ्यों की जानकारी जुटाई जा सके।
सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा ने मौके पर मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया मामला डूबने से हुई मौत का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि शव पर बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं पाए गए हैं, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि संभवतः पैर फिसलने या असंतुलन के कारण चौकीदार स्विमिंग पूल में गिर गया हो और बाहर न निकल पाने के कारण उसकी मृत्यु हो गई हो। हालांकि पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है। हत्या, आत्महत्या या अन्य किसी आपराधिक एंगल को भी नकारा नहीं गया है और हर संभावना को ध्यान में रखकर तफ्तीश की जा रही है। पुलिस ने मौके का बारीकी से निरीक्षण कर पंचनामा भरने की कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया। अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है और उनसे भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है, ताकि चौकीदार की मानसिक स्थिति, हालिया गतिविधियों और किसी संभावित विवाद की जानकारी मिल सके। वहीं कोठी के मालिक से भी संपर्क साधा जा रहा है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि परिसर में सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और हाल के दिनों में वहां कौन-कौन आया था। घटना के बाद से महावीर चौक क्षेत्र के निवासियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता का माहौल है और लोग बंद मकानों की निगरानी तथा सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जाएगी तथा जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।















