मुजफ्फरनगर में डीसीडीसी की बैठक, सहकारी समितियों के विकास को मिली नई दिशा

मुजफ्फरनगर में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कमेटी (डीसीडीसी) की बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित हुई। बैठक में सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई और उनके विकास सुदृढ़ीकरण के लिए कई अहम निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद की बीपैक्स सहकारी समितियों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि समितियों के जीर्णोद्धार और बाउंड्रीवॉल की मरम्मत जैसे कार्य मनरेगा या अन्य किसी उपयुक्त योजना के अंतर्गत कराए जाएं। इसके लिए संबंधित समितियों को कार्ययोजना तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने सहकार से समृद्धि अभियान के अंतर्गत नए नवाचार और व्यवसाय बढ़ाने के सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि बीपैक्स को कॉमर्स कंपनियों से समन्वय स्थापित कर वेयरहाउस के रूप में कार्य करना चाहिए, जिससे किसानों और ग्रामीण उत्पादकों को बड़ा बाजार उपलब्ध हो सके। साथ ही, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री भी बीपैक्स समितियों के माध्यम से कराए जाने की योजना बनाने पर जोर दिया गया।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सहकारिता विभाग, मत्स्य विभाग और दुग्ध विभाग की सहकारी समितियों को प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर गठित किया जाए और उन्हें भारत सरकार कीसहकार से समृद्धियोजना के अंतर्गत संचालित किया जाए। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता/संयोजक डीसीडीसी मुजफ्फरनगर ने बताया कि योजना के अंतर्गत जिले में 25 नई बीपैक्स समितियों के गठन का लक्ष्य निर्धारित है, जिनमें से अब तक 9 नई समितियों का गठन हो चुका है। नई समितियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यालय से प्रति समिति 2 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।बैठक में यह भी चर्चा हुई कि विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अन्न भंडार योजना के अंतर्गत बीपैक्स को निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी ने संबंधित राजस्व अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इस कदम से खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में सहकारी समितियों की भूमिका और अधिक सशक्त होगी।बैठक के अंत में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अरिमर्दन सिंह गौर ने सभी अधिकारियों और प्रतिनिधियों का धन्यवाद ज्ञापित किया और आश्वस्त किया कि उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का त्वरित पालन सुनिश्चित किया जाएगा।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी कंधारकर कमल किशोर देशभूषण, जिला गन्ना अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, उप दुग्धशाला विकास अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, सचिव/मुख्य कार्यपालक अधिकारी, जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट मैनेजर नाबार्ड, महाप्रबंधक दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड बेगराजपुर, भारतीय खाद्य निगम, केंद्रीय भंडार निगम एवं कृभको इफको के प्रतिनिधियों ने बैठक में सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया।यह बैठक केवल सहकारी समितियों की मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई, बल्कि किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला मंच भी बनी।

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