मुजफ्फरनगर थाना साइबर पुलिस द्वारा जिला पंचायत सभागार में सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के लिए एक व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों के बारे में जागरूकता फैलाना और लोगों को इनसे बचाव के उपायों की जानकारी देना था। कार्यक्रम में थाना साइबर पुलिस की टीम ने उपस्थित सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को विस्तार से बताया कि किस प्रकार आज के समय में तकनीकी प्रगति के साथ-साथ साइबर अपराध भी बढ़ते जा रहे हैं। इनमें ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, फ़िशिंग ईमेल और लिंक के माध्यम से धोखाधड़ी, ओटीपी या केवाईसी अपडेट के बहाने ठगी, फर्जी ऐप्स और मैलवेयर हमले जैसी घटनाएं शामिल हैं, जिनसे आमजन को गंभीर आर्थिक और व्यक्तिगत नुकसान हो सकता है।कार्यक्रम के दौरान थाना साइबर पुलिस ने विशेष रूप से यह समझाया कि साइबर अपराधी अक्सर लोगों की व्यक्तिगत जानकारी चुराकर उनका दुरुपयोग करते हैं। कई बार धोखेबाज खुद को बैंक, सरकारी संस्था या किसी प्रतिष्ठित कंपनी का प्रतिनिधि बताकर कॉल या मैसेज करते हैं और लोगों से ओटीपी, डेबिट/क्रेडिट कार्ड नंबर, पिन या अन्य गोपनीय जानकारी मांग लेते हैं। ऐसे मामलों में सतर्क रहना और किसी भी स्थिति में अपनी निजी जानकारी साझा न करना बेहद जरूरी है। साथ ही, उपस्थित लोगों को यह भी बताया गया कि अज्ञात स्रोतों से आए लिंक या ऐप्स को डाउनलोड करने से बचें, क्योंकि इनमें मैलवेयर हो सकता है, जो मोबाइल या कंप्यूटर के डाटा को हैक कर सकता है।थाना साइबर पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि यदि किसी के साथ साइबर अपराध होता है, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। समय पर कार्रवाई करने से कई मामलों में लोगों के पैसों को वापस पाने और अपराधियों को पकड़ने में मदद मिलती है। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि जितनी जल्दी शिकायत दर्ज की जाएगी, उतना ही ज्यादा नुकसान की भरपाई की संभावना बढ़ जाती है।इस अवसर पर थाना साइबर पुलिस ने सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों से अपील की कि वे अपने अनुभव और सामाजिक जुड़ाव का उपयोग करते हुए अपने परिवार, पड़ोस और समुदाय में साइबर सुरक्षा संबंधी जागरूकता फैलाएं। पुलिस का मानना है कि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। यदि समाज का हर व्यक्ति सतर्क रहेगा और सही जानकारी रखेगा, तो अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेरा जा सकता है। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों ने भी सक्रिय भागीदारी दिखाई और विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों से निपटने के उपायों के बारे में प्रश्न पूछे।कार्यक्रम के अंत में थाना साइबर पुलिस ने आश्वासन दिया कि ऐसे जागरूकता अभियानों को आगे भी जारी रखा जाएगा, ताकि समाज को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रखा जा सके और लोग तकनीक का लाभ बिना किसी भय के उठा सकें।















