औरैया | जिले की अजीतमल तहसील के फरीहा गांव में बाढ़ की मार झेल रहे लोगों के लिए शुक्रवार देर रात एक और खतरा सामने आ गया। बाढ़ के पानी के साथ एक विशाल मगरमच्छ गांव के भीतर पहुंच गया। पानी में तैरते मगरमच्छ को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। लोग तत्काल बच्चों को घरों में बंद कर छतों पर चढ़ गए और निगरानी शुरू कर दी।
ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी, लेकिन समाचार लिखे जाने तक मगरमच्छ को पकड़ने में सफलता नहीं मिली थी। लोग वन विभाग की टीम को मौके पर भेजने की मांग कर रहे हैं।
यमुना का कहर जारी, कुछ गांवों में राहत
बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है, हालांकि शनिवार सुबह जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई, जिससे कुछ गांवों को थोड़ी राहत मिली है। सिकरोड़ी गांव से अब तक 56 परिवारों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
स्कूलों में पानी भरने से शिक्षा व्यवस्था ठप हो गई है, जबकि बड़ेरा और गौहानीकलां गांवों में नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय
जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी और सदर विधायक गुड़िया कठेरिया ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है। एसडीआरएफ, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर तैनात हैं। प्रशासन द्वारा लोगों को सूखा राशन, जरूरी दवाइयां और शुद्ध पेयजल वितरित किया जा रहा है।
डीएम ने कहा, “प्राथमिकता लोगों की जान-माल की सुरक्षा है और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।”
वन्यजीवों का खतरा बढ़ा, सावधानी की अपील
बाढ़ के पानी के साथ अब वन्यजीवों का खतरा भी सामने आ रहा है। मगरमच्छ जैसे जंगली जानवरों के रिहायशी क्षेत्रों में पहुंचने की घटनाएं चिंता का विषय हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी के निकट न जाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन या पुलिस को दें।















