बांदा। नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ और धमकी देने का अंजाम आखिरकार 4 साल बाद सामने आ गया।ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत चली तेज पैरवी के बाद कोर्ट ने मुख्य आरोपी को 3 साल जेल और बाकी 4 आरोपियों को 1-1 साल की सजा सुनाई है।20 जुलाई 2021 को कोतवाली नगर थाने में एक पीड़िता की मां ने तहरीर दी थी। आरोप था कि मोनू नाम का युवक नाबालिग से छेड़छाड़ कर रहा था, फोन पर अश्लील बातें करता था और मना करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा था।मामले में मोनू के साथ उसके घर के 4 अन्य लोग भी शामिल थे।पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू की।विवेचना उ0नि0 अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने की। ठोस सबूत और गवाहों के साथ आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया गया। कोर्ट में पैरवी लोक अभियोजक शिवपूजन सिंह और सुनील कुमार गुप्ता ने की। कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी अमित सिंह और पैरोकार आरक्षी अभिलाष यादव ने लगातार फॉलोअप किया। न्यायालय बांदा ने सबूतों के आधार पर सभी 5 को दोषी माना।मोनू पुत्र प्यारेलाल निवासी कंचनपुरवा को 3 साल कारावास व 2500 रु जुर्माना की सज़ा सुनाई। उपमा पत्नी मोनू,अजय पुत्र प्यारेलाल, निवासी कंचन पुरवा, संजय पुत्र भउवा व परवेज पुत्र भउवा निवासी छिलोलर, थाना कमासिन को एक-एक साल कारावास व 6000 रु जुर्माना की सज़ा सुनाई।एसपी पलाश ने कहा कि महिलाओं और नाबालिगों से जुड़े अपराधों में डीजीपी यूपी के निर्देश पर ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ चलाया जा रहा है। मिशन शक्ति के तहत हमारा मकसद है कि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिले और अपराधी को कड़ी सजा हो। इस केस में पूरी टीम की मेहनत से सजा दिलाई गई है। बेटियों से छेड़छाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।























































