DMU और EMU की तरह बनाई गई देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन (HMU) सोनीपत से जींद के बीच अपना पहला कमर्शल रन शुरू करने को तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ट्रेन को 13 या 17 जुलाई को हरी झंडी दिखा सकते हैं।17 जुलाई को कमर्शल लॉन्चिंग की अधिक उम्मीदें हैं। सूत्रों ने बताया कि यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलाई जाएगी। हर दिन दो फेरे लगेंगे। सप्ताह में एक दिन रेस्ट डे होगा जब इसकी मेंटेनेंस होगी।
दिन में केवल दो फेरे लगाने के पीछे का कारण इसकी फ्यूलिंग कैपेसिटी है। हाइड्रोजन ट्रेन में एक बार फ्यूल भरने पर यह 350 से 360 किमी तक ही चल सकेगी। यह आम पैसेंजर ट्रेनों जैसी ही होगी। 10 कोच की ट्रेन में आठ कोच यात्रियों के लिए होंगे। यात्री क्षमता तकरीबन 2600 होगी। ट्रेन में आठ फ्यूल सेल लगे हैं। ट्रेन की स्पीड 130 किलोमीटर से भी अधिक की है, लेकिन कमर्शल रन में यह अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ही दौड़ेगी।
कहां-कहां चलेगी?
अभी इस ट्रेन को केवल सोनीपत-जींद सेक्शन में ही चलाया जाएगा। आने वाले समय में इसे दिल्ली, हरियाणा समेत अन्य रूटों पर भी दौड़ाने की योजना बनाई जा रही है। ट्रेन को मेंटेनेंस के लिए जब सोनीपत से दिल्ली के शकूरबस्ती लाया जाएगा, तब यह अपने हाइड्रोजन सिस्टम से नहीं बल्कि सामान्य इंजन से चलेगी।















