औरैया नगर पालिका परिषद में तैनात एक ट्रैक्टर चालक पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। नगर के कई सभासदों ने इस मामले को लेकर अधिशासी अधिकारी को संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपा है, जिसमें कर्मचारी पर वित्तीय गड़बड़ी के माध्यम से भारी गबन करने और निजी संपत्ति खड़ी करने का आरोप लगाया गया है। सभासदों का कहना है कि उक्त कर्मचारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए न केवल आर्थिक अनियमितताएं की हैं, बल्कि सरकारी संसाधनों का निजी लाभ के लिए इस्तेमाल भी किया है।
सभासदों ने आरोप लगाया कि ट्रैक्टर चालक की नियुक्ति प्रक्रिया भी नियमों के विरुद्ध की गई थी। कुछ समय पूर्व ट्रैक्टर चालक के दो पदों पर की गई भर्ती में आरक्षण नीति का खुला उल्लंघन हुआ। आरक्षित वर्ग के लिए तय एक पद को नजरअंदाज करते हुए दोनों पदों पर सामान्य वर्ग के कर्मचारियों को नियुक्त कर दिया गया। सभासदों ने मांग की है कि इस भर्ती प्रक्रिया की पूरी पत्रावली सार्वजनिक की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन देने वाले सभासदों में छैया त्रिपाठी, विजय तोमर, मोहम्मद इरशाद, पिंकी राजपूत, राजेंद्र कुमार, राजीव, अफसाना बेगम, राजवीर पाल, सुनीता अवस्थी, महक, संध्या, गुड़िया, शिवेंद्र, मुकेश कुमार, विनोद और विकास सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि शामिल रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति के भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनहित के साथ किया गया विश्वासघात है।
सभासदों ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर इस मामले में निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की गई और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इसे लेकर जिलाधिकारी और शासन के उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर वे आंदोलन का रास्ता भी अपनाएंगे। सभासद प्रकृतिकांत उर्फ छैया त्रिपाठी ने कहा कि नगर के संसाधनों को लूटने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा और पारदर्शिता की मांग हर स्तर पर उठाई जाएगी।















