मुजफ्फरनगर में स्वच्छता ही सेवा – 2025 की थीम स्वच्छ उत्सव के अंतर्गत जिला गंगा समिति द्वारा विशेष स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मुख्य विकास अधिकारी कण्डारकर कमलकिशोर देशभूषण एवं उमेश मिश्रा के निर्देशन में आयोजित हुआ। इस अवसर पर जिले के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटक स्थल शुकतीर्थ के गंगा घाट पर विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने मिलकर गंगा तट की सफाई की। सफाई के दौरान गंगा किनारे पर जमा कचरा, विसर्जित पूजा सामग्री, सिंगल यूज़ प्लास्टिक, पुराने कपड़े आदि को एकत्रित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य गंगा को निर्मल और अविरल बनाए रखना था ताकि भारत की जीवन रेखा कही जाने वाली गंगा स्वच्छ धारा के रूप में प्रवाहित हो सके।
कार्यक्रम में डॉ. राजीव कुमार ने छात्राओं को स्वच्छता ही सेवा – 2025 और स्वच्छ उत्सव के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने जनपद से होकर गुजरने वाली नदियों गंगा, सोलानी, बाण गंगा, काली नदी और हिंडन नदी के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि नदियाँ केवल जल का स्रोत ही नहीं हैं बल्कि उनमें विभिन्न जलीय जीव भी निवास करते हैं, जिनके संरक्षण के लिए स्वच्छता अत्यंत आवश्यक है।जिला परियोजना अधिकारी हर्ष कुमार ने गंगा को निर्मल एवं अविरल बनाए रखने की दिशा में बच्चों को शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था की धारा है। इसे स्वच्छ रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस दौरान बच्चों ने हाथ उठाकर गंगा की पवित्रता और स्वच्छता को बनाए रखने का संकल्प लिया।
अभियान में महर्षि शुकदेव इंटर कॉलेज, स्वामी कल्याण देव इंटर कॉलेज और श्री शुकदेव संस्कृत माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की। सभी ने सामूहिक श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। बच्चों ने घाटों से एकत्रित कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में डालते हुए बताया कि किस तरह अपशिष्ट प्रबंधन से गंगा की निर्मलता को बनाए रखा जा सकता है।इस विशेष अभियान का आयोजन सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक एवं जिला गंगा समिति के सदस्य सचिव राजीव कुमार के मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. राजीव कुमार और जिला परियोजना अधिकारी हर्ष कुमार ने मुख्य भूमिका निभाई। वहीं गंगा सेवा समिति के महामंत्री महकार सिंह का भी विशेष योगदान रहा।यह स्वच्छता अभियान न केवल गंगा घाट की सफाई तक सीमित रहा, बल्कि इसने विद्यार्थियों में पर्यावरण और नदियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता भी जगाई। आयोजन का संदेश स्पष्ट था कि गंगा और अन्य नदियों की अविरलता एवं निर्मलता बनाए रखने के लिए समाज के हर वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

















