मुजफ्फरनगर। जिले में विश्व बाल दिवस के अवसर पर बच्चों के स्वास्थ्य, खेलभावना और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष बाल क्रिकेट मैच का भव्य आयोजन किया गया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और मुख्य विकास अधिकारी कण्डारकर कमलकिशोर देशभूषण के निर्देशन में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। आयोजन की रूपरेखा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार और बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. राजीव कुमार के मार्गदर्शन में तैयार की गई। विद्यालय परिसर में हुए इस प्रेरणादायी आयोजन में बड़ी संख्या में बच्चे, शिक्षक और समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों में खेल के प्रति रुचि जगाने और उन्हें स्वास्थ्य तथा अनुशासन की सीख देने के उद्देश्य से की गई। बाल क्रिकेट मैच में बाल खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्ण प्रदर्शन किया। बच्चों ने शानदार चौके-छक्कों की बरसात करते हुए मैदान में उपस्थित बाल दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। मैच के दौरान बच्चों की टीम भावना, खेल कौशल और ऊर्जा देखने योग्य थी। खेल के माध्यम से बच्चों को बल, सहयोग और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
विश्व बाल दिवस हर वर्ष 20 नवंबर को दुनिया भर में बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान को मजबूत करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बेहद महत्वपूर्ण है। 1954 में इसकी नींव सार्वभौमिक बाल दिवस के रूप में रखी गई। 20 नवंबर को विशेष महत्व इसलिए भी प्राप्त है क्योंकि वर्ष 1959 में इसी दिन संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बाल अधिकारों की घोषणा को स्वीकार किया था। इसके बाद 1989 में बाल अधिकारों पर ऐतिहासिक कन्वेंशन को भी इसी तारीख को अंतिम मंजूरी मिली। वर्ष 1990 से यह दिवस इन दोनों महत्वपूर्ण दस्तावेजों की वर्षगांठ के रूप में मनाया जा रहा है।विश्व बाल दिवस 2025 की थीम “मेरा दिन, मेरे अधिकार” बच्चों की आवाज़ और उनके अधिकारों को केंद्र में रखने का संदेश देती है। इसका उद्देश्य है कि प्रत्येक बच्चा अपनी बात खुलकर कह सके और निर्णय प्रक्रिया में उसकी राय को महत्व दिया जाए। यह दिवस दुनिया के हर बच्चे के समग्र विकास, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और समान अवसरों को सुनिश्चित करने की दिशा में वैश्विक प्रयासों को रेखांकित करता है।
आज भी दुनिया भर में बच्चे हिंसा, शोषण, गरीबी, भेदभाव, स्वास्थ्य और शिक्षा की कमी जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। यूनिसेफ के नेतृत्व में यह दिवस सरकारों, परिवारों, शिक्षकों, मीडिया और समाज के सभी वर्गों को बच्चों के अधिकारों की रक्षा और प्रोत्साहन के लिए प्रेरित करता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्वीकृत बाल अधिकारों का यह कन्वेंशन परिवार की जिम्मेदारियों से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शोषण से सुरक्षा और विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए अतिरिक्त सहयोग तक लगभग हर पहलू को कवर करता है।आयोजन में विद्यालय प्रधानाध्यापक मीनू, शिक्षकगण और इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के सदस्य शिवराज सिंह ने विशेष योगदान दिया। इस आयोजन ने न केवल बच्चों के उत्साह को बढ़ाया, बल्कि विश्व बाल दिवस के महत्व को भी सार्थक रूप से स्थापित किया।
















