पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में चेनाब नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. भारी बारिश के बीच लियाकतपुर के बेट परारा इलाके में चेनाब नदी का सुरक्षात्मक तटबंध टूट गया, जिससे आसपास के कई इलाकों में पानी भर गया. यहां राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है.सूत्रों के मुताबिक, पिछले 6 दिनों में भारत से चेनाब नदी के जरिए लगभग 19 करोड़ क्यूसेक पानी पाकिस्तान की ओर प्रवाहित हुआ है. भारत में लगातार हो रही भारी बारिश और ऊपरी कैचमेंट क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने के कारण बांधों और बैराजों से अतिरिक्त पानी छोड़ा गया, जिसका असर पाकिस्तान के निचले इलाकों में भी देखने को मिला.
इंडस वॉटर ट्रीटी को स्थगित कर दिया था
गौरतलब है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने इंडस वॉटर ट्रीटी को स्थगित कर दिया था. इससे पहले संधि के तहत भारत को पश्चिमी नदियों, विशेषकर चेनाब नदी में पानी छोड़े जाने से पहले पाकिस्तान को अग्रिम सूचना देनी होती थी, ताकि वो संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारी कर सके.हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान में उत्पन्न मौजूदा बाढ़ जैसी स्थिति के पीछे किसी प्रकार की जानबूझकर की गई कार्रवाई नहीं है. भारत का कहना है कि देश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जलाशयों और बैराजों से अतिरिक्त पानी छोड़ना आवश्यक था और ये पूरी तरह प्राकृतिक परिस्थितियों के चलते किया गया. साथ ही भारत ने यह भी दोहराया है कि इंडस वॉटर ट्रीटी स्थगित होने के बाद वह पाकिस्तान को पानी छोड़े जाने संबंधी अग्रिम जानकारी देने के लिए बाध्य नहीं है.
भारत का रुख क्या?
भारत ने पाकिस्तान के उस आरोप को खारिज कर दिया है कि उसने जानबूझकर चिनाब नदी में बाढ़ लाई. भारत का कहना है कि जलस्तर में बढ़ोतरी जम्मू और उसके आस-पास के इलाकों में हुई भारी मॉनसून बारिश का नतीजा थी. विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान की अपनी बाढ़ से जुड़ी चेतावनी भी इस बात की पुष्टि करती है और इस्लामाबाद के दावों को तथ्यों के आधार पर गलत बताया. भारत ने यह भी दोहराया कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता, तब तक सिंधु जल संधि पर अमल नहीं होगा, साथ ही यह भी कहा कि मानवीय आधार पर राजनयिक चैनलों के जरिए बाढ़ से जुड़ी अहम जानकारी शेयर करनी होगी.























































