शाहपुर: पूर्व मंत्री चौधरी योगराज सिंह ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार के सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से मुलाकात कर एक अहम मांग पत्र सौंपा है। उन्होंने आग्रह किया कि पूर्वी यमुना नहर से निकलने वाली चौगामा क्षेत्र की नहरों में रबी (सर्दियों) के मौसम में भी सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाए। इस मांग पत्र में उन्होंने विस्तार से बताया कि वर्तमान में इन नहरों में केवल खरीफ सीजन के दौरान ही पानी छोड़ा जाता है, जिससे रबी की फसलों को समय पर सिंचाई नहीं मिल पाती और किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है।
मांग पत्र के अनुसार, पूर्वी यमुना नहर के किलोमीटर 71.578 से कलरफुर राजवाहा निकलता है, जिससे लोई राजवाहा (लंबाई 23.701 किलोमीटर) जुड़ा है। इसके अलावा हिंडन कृष्णा दोआब क्षेत्र में टिकरी, निरपुडा, कुरथल तीन राजवाहा और सुजती, भगवानपुर, दोघट, गेड़बर सहित छह माइनर हैं, जिनकी कुल लंबाई 96.05 किलोमीटर है। इनमें से 44.900 किलोमीटर हिस्सा मुजफ्फरनगर के बुढाना क्षेत्र में और 51.150 किलोमीटर हिस्सा बागपत जनपद में आता है।
पूर्व मंत्री ने यह भी स्मरण कराया कि मुजफ्फरनगर के ग्राम पंचायत जोला में आयोजित एक कार्यक्रम में सिंचाई मंत्री ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि इन नहरों में रबी और खरीफ दोनों सीजन में पानी उपलब्ध कराया जाएगा। बावजूद इसके, अब तक यह व्यवस्था लागू नहीं की गई है।
उन्होंने बताया कि अगर इन नहरों में रबी के मौसम में पानी सुनिश्चित किया जाए तो मुजफ्फरनगर के बिटावदा, इटावा, मिडकली, नगवा, जोला, विज्ञाना, कुरथल सहित बागपत के भी अनेक गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। किसानों की फसलें सुरक्षित रहेंगी और उन्हें बार-बार महंगी निजी सिंचाई पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने सिंचाई मंत्री से इस मांग को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने की अपील की है, जिससे क्षेत्र के हजारों किसान राहत महसूस करें।























































