भारत की धार्मिक यात्राओं में चार धाम यात्रा का विशेष महत्व माना जाता है। हिंदू धर्म के अनुसार, जीवन में एक बार बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन करना मोक्षदायी माना गया है। हर साल अप्रैल से शुरू होकर यह यात्रा अक्टूबर-नवंबर तक चलती है। इसके बाद मौसम खराब होने और बर्फबारी के कारण ऊंचाई पर स्थित इन चारों धामों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। उत्तराखंड पर्यटन विभाग के अनुसार, ठंड की शुरुआत में सभी प्रमुख मंदिरों को बंद कर दिया जाता है और लगभग छह महीने बाद अप्रैल में पुनः खोला जाता है।
हालांकि, इस बार उत्तराखंड सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए सर्दियों में भी चार धाम यात्रा का अनुभव करने का अवसर उपलब्ध कराया है। अब भक्तजन चार धाम के मुख्य स्थलों के बजाय उनके शीतकालीन गद्दी स्थलों के दर्शन कर सकते हैं। सरकार की इस पहल के तहत श्रद्धालु जोशीमठ में बद्रीनाथ, उखीमठ में केदारनाथ, मुखवा में गंगोत्री और खरसाली में यमुनोत्री के शीतकालीन रूपों के दर्शन कर सकेंगे। यह व्यवस्था न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी बल्कि स्थानीय लोगों की आजीविका का साधन भी बनेगी।
सरकार की इस नई पहल से अब भक्त बिना मौसम की कठिनाइयों का सामना किए सर्दियों में भी चार धाम की पवित्रता और आध्यात्मिकता का अनुभव कर सकेंगे। इससे राज्य के धार्मिक पर्यटन को सालभर सक्रिय रखने में मदद मिलेगी और श्रद्धालुओं को नया अनुभव प्राप्त होगा।















