बांदा। शहर कोतवाली क्षेत्र में एक दलित महिला की शिकायत पर पूर्व सपा चेयरमैन मोहन साहू समेत चार लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसके साथ छेड़छाड़ की गई, जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया, गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया गया और बेटी को जान से मारने की धमकी दी गई। कोतवाली नगर में दर्ज एफआईआर के अनुसार, पदमाकर चौराहा क्षेत्र निवासी गीता वर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 2 जून को सुबह करीब 10.30 बजे वह राजघाट रोड स्थित बनका बिहारी मंदिर की ओर जा रही थी। आरोप है कि मंदिर के पास पूर्व चेयरमैन मोहन साहू अपनी चार पहिया गाड़ी से तीन अन्य व्यक्तियों के साथ पहुंचे और उसके साथ अभद्रता व छेड़छाड़ करने लगे। पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपियों ने उसे मां-बहन की गालियां दीं और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जब उसने इसका विरोध किया तो मुख्य आरोपी ने उसका गला दबा दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद महिला वहां से किसी तरह अपनी जान बचाकर निकली। एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि जाते समय आरोपियों ने महिला और उसकी बेटी को जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका है। पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर पूर्व चेयरमैन मोहन साहू तथा तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75, 352, 351(3) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(अं) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतवाली नगर पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।























































