तेज़ बाढ़ में टूटा बरेहटा का धोवर नाला रपटा, संपर्क से कटे 23 मजरे

जसपुरा/बाँदा। रविवार को सुबह आई तेज़ बाढ़ ने ग्राम पंचायत बरेहटा के धोवर नाला पर बने पक्के रपटे को पूरी तरह बहा दिया। नतीजा ये हुआ कि बरेहटा सहित 23 मजरे पूरी तरह से संपर्कविहीन हो गए। इस प्राकृतिक आपदा ने न सिर्फ आवागमन को ठप कर दिया है, बल्कि स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी सेवाएं भी ठप हो गई हैं। प्रभावित मजरों में अमारा, कुटी,गड़रियन डेरा ,रामलाल का डेरा, ,मटेहनडेरा,खोड,भदवा धूर ,बल्लू डेरा, मनुवां डेरा ,घीहनडेरा ,मड़ौली ,मरोला ,नया डेरा ,हजारी डेरा ,भंडारीडेरा,फकीराडेरा,खप्टिहा डेरा ,शिवरामपुर,गणेश नगर,शिवपाल डेरा ,सिमरा डेरा ,छनिहा डेरा,ग्राम पंचायत बरेहटा के लक्ष्मण प्रसाद,मेवालाल,चंद्रभान,सोनू निषाद, सुनील निषाद, गुलाब,प्रमोद निषाद,फूलचंद्र निषाद, ग्राम प्रधान उर्मिला देवी बरेहटा आदि ग्रामीणों का कहना है कि यह रपटा कई साल पुराना था और मरम्मत की ज़रूरत थी। प्रशासन को बार-बार चेताया गया, मगर अनसुना कर दिया गया। तेज़ बारिश और भारी जलप्रवाह ने रपटे को बहा ले जाकर 23 मजरे पूरी तरह अलग-थलग कर दिए।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 183.48 लाख रुपये की लागत से 2024-25 में बनी 19.890 किलोमीटर लंबी सड़क भी कई स्थानों पर दरक गई है और टूट चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की गुणवत्ता बेहद खराब रही, और रपटे की मरम्मत के बजाय सिर्फ रंग-रोगन कर उसे दिखावे के लिए ठीक बताया गया, जो अब बाढ़ में बह गया। रपटा टूटने से सैकड़ों ग्रामीणों का आना-जाना पूरी तरह बाधित हो गया है। बच्चों की स्कूल तक पहुंच बंद हो गई है, वहीं बीमारों को इलाज तक ले जाना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के साथ प्रशासन की लापरवाही ने संकट और बढ़ा दिया है। सूचना पर लेखपाल तैनात, राहत कार्य की मांग तिंदवारी विधानसभा के सपा अध्यक्ष प्रमोद निषाद ने एसडीएम व तहसीलदार को रपटा टूटने की जानकारी दी, जिस पर लेखपाल अजय को मौके पर भेजा गया है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था और राहत कार्य शुरू करने की मांग की है। समाचार लिखते समय तक कोई भी उच्च अधिकारी अभी तक नही पहुचे।

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts