गुजरात को लेकर दिए बयान पर बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा

पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अब कन्हैया कुमार के गुजरात को लेकर दिए बयान को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। इस चुनावी माहौल में बीजेपी को एक बड़ा मुद्दा भी मिल गया है।बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस के नेता अपने बयानों के जरिए गुजरातियों का अपमान कर रहे हैं और जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।बीजेपी सवाल उठाया है कि पहले मल्लिकार्जुन खरगे ने गुजरातियों को अनपढ़ कहा और अब एक दूसरे कांग्रेसी नेता कन्हैया कुमार भी असम जाकर गुजरात के लोगों का अपमान करते हैं और बोलते हैं कि ये घुसपैठिए हैं। चुनावी माहौल के बीच इस मुद्दे ने नया विवाद खड़ा कर दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।

कन्हैया कुमार का बयान और बीजेपी का पलटवार

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर 14-सेकंड का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बताया जा रहा है कि असम में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने विवादित बयान दिया है। इस वीडियो में कन्हैया कुमार यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि जब पत्रकारों ने मुझसे विधानसभा चुनावों में घुसपैठियों के मुद्दे पर पूछा तो मैंने कहा कि ‘सबसे बड़ा घुसपैठिया गुजरात से आया है। हिमंता बिस्वा सरमा के साथ उसको भी यहां से भगाने की जरूरत है।’

कन्हैया के बयान को बीजेपी ने गुजरात का अपमान बताया

कन्हैया कुमार का यह बयान वायरल होने के बाद बीजेपी भी हमलावर है। बीजेपी ने कन्हैया कुमार के बयान के जवाब में कहा कि कांग्रेस को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बने घुसपैठिए अपने लगते हैं! वहीं जो 24×7 देश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने में जुटे हैं, वही इन्हें “बाहरी” नजर आते हैं। अनपढ़, गंवार और अब घुसपैठिए, भारतवासियों को सिर्फ चंद वोटों के लिए अलग कर दे रहे हैं कांग्रेसी! कांग्रेस के नेता कैसे कैसे बयान दे रहे हैं और देश की जनता का अपमान कर रहे हैं।

कांग्रेस की भाषा देश के खिलाफः बीजेपी

  • कन्हैया कुमार ने गुजरात के लोगों को ‘घुसपैठिया’ कहा, जिसे बीजेपी ने पूरे गुजरात का अपमान बताया है।
  • बीजेपी के नेताओं का कहना है कि कांग्रेसियों की इस तरह की भाषा देश की एकता के खिलाफ है।
  • असम में एक चुनावी अभियान के केंद्र में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों का मुद्दा बना रहा, जिसमें मुख्यमंत्री के साथ-साथ बीजेपी ने भी इस बात को दोहराया कि अवैध घुसपैठिए राज्य की जनसांख्यिकी के लिए खतरा हैं।

कहां से शुरू हुआ था विवाद

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के गुजरातियों की शिक्षा को लेकर एक बयान दिया था जिसे लेकर जर्बदस्त विवाद शुरू हो गया था। कांग्रेस अध्यक्ष ने केरल की चुनावी सभा में कहा था कि केरल के लोगों को गुमराह मत कीजिए। वे बहुत चतुर और शिक्षित हैं। मोदी जी, विजयन, आप दोनों गुजरात या अन्य जगहों के अशिक्षित लोगों को मूर्ख बना सकते हैं लेकिन केरल के लोगों को मूर्ख नहीं बना सकते।”

खरगे की टिप्पणी पर बीजेपी का पलटवार

  • खरगे की इस टिप्पणी पर पलटवार करते हुए बीजेपी ने इसे गुजरात और उत्तर भारत के लोगों का अपमान बताया था। खरगे के बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने सवाल उठाते हुए कहा था कि खरगे बताएं कि क्या गांधी जी अनपढ़ थे?
  • क्या सरदार पटेल, मोरारजी देसाई और विक्रम साराभाई भी अनपढ़ थे? गुजरात की जिस पावन भूमि ने अनेक संतों को जन्म दिया, जहां गांधी जी, सरदार पटेल और मोरारजी भाई जैसे महान व्यक्तित्व पैदा हुए और जिन्होंने देश के लिए इतना बड़ा योगदान दिया, उसी भूमि को अनपढ़ कहना क्या दर्शाता है?

कांग्रेस अध्यक्ष ने जताया था खेद

खरगे ने केरलम में चुनाव प्रचार के दौरान गुजरात के लोगों को ‘अशिक्षित’ कहने के लिए 8 अप्रैल को खेद प्रकट किया। खरगे ने कहा था कि उनके मन में गुजराती जनता के प्रति बहुत सम्मान है। खरगे ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट किया था कि “हाल ही में केरल में दिए गए मेरे एक चुनावी भाषण की कुछ टिप्पणियों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। फिर भी मैं अपनी तरफ से जिम्मेदारी के साथ खेद व्यक्त करता हूं। गुजरात के लोगों के प्रति मेरे मन में सर्वोच्च सम्मान रहा है और हमेशा रहेगा। वहां के लोगों की भावनाओं को आहत करना मेरा कभी उद्देश्य नहीं था।

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