उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के देवबंद स्थित इस्लामी शिक्षण संस्थान दारुल उलूम ने कांवड़ यात्रा को देखते हुए अपने छात्रों के लिए विशेष सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है. संस्थान ने छात्रों से सावधानी बरतने और कांवड़ यात्रा के रास्तों के साथ-साथ भीड़भाड़ वाले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने को कहा है.
कांवड़ मार्ग और जीटी रोड से दूर रहने की सलाह
संस्थान की ओर से बुधवार शाम जारी लिखित निर्देश में छात्रों को खास तौर पर कांवड़ यात्रा वाले रास्तों पर जाने से बचने की हिदायत दी गई है. हॉस्टल प्रभारी मौलाना अशरफ अब्बास ने कहा कि यह कदम छात्रों की सुरक्षा और यात्रा के दौरान संस्थान में अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है.एडवाइजरी में छात्रों से कहा गया है कि वे कांवड़ रूट और जीटी रोड पर केवल बेहद जरूरी होने पर ही जाएं. बिना किसी जरूरी काम के बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है. संस्थान ने छात्रों को यात्रा के दौरान स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है.
जरूरी काम होने पर अपनाएं ये नियम
दारुल उलूम ने निर्देश दिया है कि अगर किसी छात्र को किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़े, तो वह निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करे. संस्थान ने जरूरी यात्रा के लिए छात्रों को केवल रिजर्व रेलवे कोच का इस्तेमाल करने की सलाह दी है.इसके अलावा, बाहर जाने वाले छात्रों के पास दारुल उलूम की ओर से जारी पहचान पत्र यानी आईडी कार्ड होना जरूरी किया गया है. छात्रों को यात्रा के दौरान अपना पहचान पत्र सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर उसे दिखाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है.
सूर्यास्त के बाद प्रवेश के लिए आईडी जरूरी
संस्थान की एडवाइजरी में कैंपस में वापस आने वाले छात्रों के लिए भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. कहा गया है कि सूर्यास्त के बाद बिना संस्थान का वैध पहचान पत्र दिखाए किसी भी छात्र को परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा.दारुल उलूम देवबंद ने स्पष्ट किया है कि ये निर्देश किसी विशेष समुदाय को लेकर नहीं, बल्कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए जारी किए गए हैं.























































