IELTS परीक्षा में जून 2026 से बड़ा बदलाव: अब कंप्यूटर आधारित होगा एग्जाम, सेक्शन रीटेक की सुविधा भी.

अंतरराष्ट्रीय अंग्रेज़ी भाषा परीक्षा IELTS में जून 2026 से बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जिससे उम्मीदवारों को अधिक सुविधा और लचीलापन मिलेगा। नए नियमों के तहत परीक्षा को मुख्य रूप से कंप्यूटर आधारित किया जा रहा है, हालांकि लेखन (Writing) सेक्शन के लिए अभी भी पेन-पेपर का विकल्प उपलब्ध रहेगा। यह बदलाव उन छात्रों के लिए खास राहत लेकर आया है जो डिजिटल माध्यम में अधिक सहज हैं और तेज़ी से परीक्षा पूरी करना चाहते हैं। कंप्यूटर आधारित परीक्षा में रिजल्ट भी अपेक्षाकृत जल्दी जारी किए जाएंगे, जिससे छात्रों को विदेश में पढ़ाई या नौकरी के लिए आवेदन करने में आसानी होगी।

सबसे अहम बदलाव यह है कि अब उम्मीदवारों को पूरे एग्जाम को दोबारा देने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि किसी परीक्षार्थी के किसी एक सेक्शन—जैसे लिसनिंग, रीडिंग, राइटिंग या स्पीकिंग—में कम अंक आते हैं, तो वह 60 दिनों के भीतर केवल उसी सेक्शन को दोबारा दे सकेगा। इस सुविधा से छात्रों का समय, मेहनत और परीक्षा शुल्क तीनों की बचत होगी। पहले पूरे टेस्ट को दोहराना पड़ता था, जिससे कई उम्मीदवार मानसिक दबाव में भी आ जाते थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव परीक्षा प्रणाली को अधिक उम्मीदवार-अनुकूल बनाएगा और प्रतिस्पर्धा को भी संतुलित करेगा। खासकर भारत जैसे देशों में, जहां हर साल लाखों छात्र विदेश में पढ़ाई के लिए IELTS देते हैं, यह नया नियम काफी लाभकारी साबित होगा। इसके अलावा कंप्यूटर आधारित प्रणाली से परीक्षा की पारदर्शिता और मूल्यांकन की गति भी बेहतर होगी।

हालांकि, कुछ छात्रों को अभी भी पारंपरिक पेन-पेपर मोड अधिक सहज लगता है, इसलिए लेखन सेक्शन के लिए विकल्प बनाए रखना एक संतुलित निर्णय माना जा रहा है। कुल मिलाकर, जून 2026 से लागू होने वाले ये बदलाव IELTS परीक्षा को अधिक आधुनिक, लचीला और छात्र हितैषी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।

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