मुज़फ्फरनगर माननीय जिलाधिकारी के आदेश और सहायक श्रम आयुक्त मुज़फ्फरनगर के निर्देशन में जनपद में बाल श्रम के उन्मूलन के लिए एक प्रभावी अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व श्रम प्रवर्तन अधिकारी बालेश्वर सिंह और श्रम प्रवर्तन अधिकारी शालू राणा ने किया। उनके साथ थाना एएचटीयू, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन संस्था एवं ग्रामीण समाज विकास केंद्र की संयुक्त टीम शामिल रही। सभी विभागों के समन्वय से मुज़फ्फरनगर के सर्कुलर रोड, सुजडू चुंगी और आर्य समाज रोड पर बाल श्रम मुक्त अभियान संचालित किया गया।अभियान के दौरान टीम ने कई प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण किया। इनमें सर्कुलर रोड स्थित शिव कार वॉश एंड ड्राई क्लीन (नियोजक संजय तोमर), सुजडू चुंगी पर मेहताब चाय वाला (नियोजक मेहताब), तथा आर्य समाज रोड पर हाजी अनीश एंड संस और रशीद अहमद के प्रतिष्ठान शामिल थे।
निरीक्षण के दौरान कुल चार बालकों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। श्रम प्रवर्तन अधिकारियों ने सभी संबंधित नियोजकों को निरीक्षण टिप्पणी जारी की और तुरंत प्रभाव से आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू की गई।राहत दिलाए गए सभी बालकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां समिति के आदेशानुसार बच्चों को उनके माता–पिता के सुपुर्द किया गया। समिति की अध्यक्ष रीना पवार ने सभी बच्चों की काउंसलिंग करते हुए अभिभावकों को सख्त हिदायत दी कि वे अपने बच्चों को किसी भी परिस्थिति में श्रम में न लगाएं, बल्कि नियमित रूप से विद्यालय भेजें, क्योंकि 14 वर्ष तक के बच्चों का प्रथम और मौलिक अधिकार शिक्षा है। सरकार द्वारा 14 वर्ष तक निशुल्क शिक्षा की सुविधा प्रदान की जाती है, अतः अभिभावकों और प्रतिष्ठान संचालकों दोनों को बच्चों के अधिकारों के प्रति संवेदनशील होना आवश्यक है।सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जनपद मुज़फ्फरनगर को वर्ष 2026 तक पूर्ण रूप से बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु जनपद में लगातार सघन अभियान चलाए जा रहे हैं और आगे भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने सभी सेवायोजकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर 14 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से कार्य न कराएं, अन्यथा उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।अभियान के दौरान प्रशासन के साथ सहयोग करते हुए जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन और ग्रामीण समाज विकास केंद्र से परियोजना प्रबंधक गजेन्द्र सिंह ने आश्वस्त किया कि संस्था सदैव प्रशासन के साथ मिलकर बाल श्रम उन्मूलन के लिए कार्य करती रहेगी और इस राज्यव्यापी अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।अभियान को सफल बनाने में सब इंस्पेक्टर जगत सिंह, सब इंस्पेक्टर छोटेलाल, सब इंस्पेक्टर अमनेह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से गौरव मालिक, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के सुपरवाइजर भुवनेश्वर और सदस्य मोहन का विशेष सहयोग रहा। संयुक्त प्रयासों से किया गया यह अभियान बाल अधिकार संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।
















