मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण द्वारा जोन-4 क्षेत्र में अवैध रूप से की जा रही प्लॉटिंग और अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। मंडलायुक्त, सहारनपुर मंडल की प्रेरणा तथा उपाध्यक्ष मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण कविता मीना के आदेशों के अनुपालन में प्राधिकरण की टीम ने कुल 22 बीघा भूमि पर चल रही अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त किया। यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही शिकायतों और पूर्व में जारी नोटिसों के बाद की गई, जिनमें भू-मालिकों को तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए बिना प्लॉटिंग करने पर चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाए जाने पर कठोर कदम उठाया गया।
जोन-4 में ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई चार अलग-अलग स्थलों पर की गई। ग्राम शाहबुद्दीनपुर में सुरेन्द्र पुत्र पाल्लेराम द्वारा लगभग 5 बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी, जिसे प्राधिकरण टीम ने पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इसी प्रकार ग्राम खांजापुर में काली नदी के किनारे खसरा संख्या 75 पर कल्लू, शमीम और यामीन पुत्रगण बुन्दू द्वारा करीब 7 बीघा क्षेत्र में बनाई गई अवैध प्लॉटिंग को भी जमींदोज किया गया। इसके साथ ही न्याजूपुरा खादरवाला, चरथावल रोड स्थित खसरा संख्या 75 पर ओमवीर पुत्र नत्थन सिंह तथा आमिर पुत्र जमुआ की लगभग 6 बीघा भूमि पर की जा रही प्लॉटिंग को भी हटाया गया। चौथा मामला चरथावल रोड, शनि मंदिर के निकट का रहा, जहां राजेश कुमार सैनी और अशोक कुमार सैनी द्वारा लगभग 4 बीघा भूमि पर अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। प्राधिकरण टीम ने इसे भी पूरी तरह तोड़ दिया।
सिर्फ अवैध प्लॉटिंग ही नहीं, बल्कि काली नदी के किनारे किए जा रहे अतिक्रमण पर भी प्राधिकरण ने सख्त रवैया अपनाया। काली नदी पुल के पास, 24 फीट रोड, खानजहांपुर क्षेत्र और धोबीघाट इलाके में चल रहे अतिक्रमण को हटवाया गया। यह स्थान लंबे समय से अवैध कब्जों और अनियोजित निर्माण के चलते विवादों में थे, जिन्हें हटवाने के लिए शनिवार को विशेष अभियान चलाया गया।
ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता सहित पूरी प्राधिकरण टीम मौके पर मौजूद रही। सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित थाने की पुलिस टीम भी तैनात रही। अधिकारियों के अनुसार यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और विकास प्राधिकरण द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के किसी भी प्रकार के निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई से अवैध प्लॉटिंग में लिप्त तत्वों में हड़कंप मच गया है, वहीं प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भू-मालिक या डेवलपर से भूमि खरीदने से पहले उसकी स्वीकृति और प्राधिकरण की मान्यता अवश्य जांच लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा या आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।















