भिवाड़ी पुलिस ने लादिया गांव की पहाड़ी के पास मुर्गों पर दांव लगाकर जुआ खेल रहे 17 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 9 मुर्गे और 1,40,790 रुपये की नकदी जब्त की है। कार्रवाई जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश के निर्देशन में भिवाड़ी एसपी प्रशान्त किरन के सुपरविजन और तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह के नेतृत्व में की गई।
तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह ने बताया कि पुलिस को 28 सितंबर को पेटा संगठन से सूचना मिली कि लादिया गांव की पहाड़ी पर कुछ लोग कॉक फाइट कराकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना की पुष्टि के लिए सी.डी.टी तिजारा की टीम मौके पर गई। जांच में पता चला कि 20-30 लोग घेरा बनाकर बैठे थे और बीच में मुर्गों को लड़ाकर उन पर रुपये का दांव लगाया जा रहा था। पुलिस को देखकर कई लोग भाग गए, लेकिन जाप्ता ने 17 आरोपियों को पकड़ लिया।
पूछताछ में किसी के पास जुआ खेलने का वैध लाइसेंस नहीं मिला। मौके पर एक टेबल पर रखी नकदी और अभियुक्तों की तलाशी में कुल 1,40,790 रुपये की जुआ राशि बरामद हुई। इसके अलावा, 9 मुर्गों को भी जब्त किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों में असलम, जुबेर, इकराम, अहमद, लियाकत, इलियास, सुब्बन, जुन्नी, गौरव, सुरज, सचदेव, शशिकांत, जमील, इन्नस, कासम, निक्कू और जीते शामिल हैं। ये लोग राजस्थान और हरियाणा के विभिन्न जिलों के निवासी हैं।
डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ थाना टपूकड़ा में बी.एन.एस. और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मौके से लावारिस मिले 7 फोर-व्हीलर और 11 मोटरसाइकिलों के खिलाफ एमवी एक्ट के तहत अलग कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार इस जुआ रैकेट का मास्टरमाइंड तोफीक (लादिया) मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश जारी है।
तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह ने मुर्गों के खेल की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि कॉक फाइट से पहले मुर्गों को पानी में कुछ पदार्थ मिलाकर एग्रेसिव बनाया जाता है। इसके बाद 20×20 के कमरे में उन्हें लड़ने के लिए छोड़ा जाता है। इसके दौरान दो मुर्गों की आपस में लड़ाई कराई जाती है और जो मुर्गा हार जाता है, उस पर लगाए गए दांव की राशि जीतने वाले मुर्गे के मालिक को दी जाती है। इस तरह एक कॉक फाइट पर लाखों रुपये दांव लगाए जाते हैं।















