बांदा। पैलानी तहसील अंतर्गत अलोना गांव में बस स्टाप किनारे एक फरवरी से धरने पर बैठे हुए किसानों शिवसरन सिंह, सभाजीत, अंकुश ,अशोक, श्याम करण साहू ,गुरु वर्मा ,भोला ,चुनूबाद पाल के साथ धरने पर बैठे भारतीय किसान यूनियन के जिला महासचिव मनोज द्विवेदी ने किसानों के साथ तीन प्रमुख मांगों अन्ना गोवंश को पकड़ कर गौशाला में सुरक्षित किया जाए, घायल हुए किसानों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति दिया जाए, गरीब कृषक जिनकी खेती मवेशियों द्वारा नष्ट की जा रही है उनको मुआवजा दिया जाए साथ ही साथ आगे कहा कि गौशाला में लगी तार बाउंड्री को हटाकर जाली लगवाया जाए वही जिला महासचिव ने बताया कि यहां अन्ना मवेशी किसानों की फैसले चौपट कर रहे हैं और किसानों को घायल कर रहे हैं जिससे किसान परेशान है ऐसे में उन्होंने सरकार से मांग की है कि आवारा मवेशियों को सुरक्षित किया जाए और किसानों की फसलें बचाई जाए। ग्राम प्रधान सुमित सविता ने बताया कि हमारे गांव में करीब 3000 अन्ना मवेशी फसलों को चौपट कर रहे हैं जिनमें करीब 200 सांड़ भी है वही आगे कहा कि करीब 3000 बीघा जमीन परती पड़ी हुई है जितनी खेती है वह भी मवेशी चट कर रहे हैं। किसान भुखमरी की कगार पर है।
आगे कहा कि गांव के ही सत्य गोपाल व भोला प्रजापति मवेशियों के शिकार होकर घायल हो गए हैं। वही बताया कि वर्ष 2006 से यह समस्या बनी है। भारतीय किसान यूनियन के बुंदेलखंड जोन अध्यक्ष बैजनाथ अवस्थी ने बताया कि अलोना गांव के किसानों द्वारा दिए गए धरने पर किसान यूनियन के पदाधिकारी उनके साथ हैं और इस मसले पर यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो भारतीय किसान यूनियन भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ दे रही है अभी उन्होंने मौके पर जिला महासचिव मनोज द्विवेदी को भेजा है।
बनविभाग नहीं ले रहा कोई सुधरू वहीं किसानों में शिवशरण सिंह, अशोक भोले ने वन विभाग द्वारा लगातार अन्ना मवेशियों पर लगाम न लगाए जाने को लेकर कहा कि ज्यादातर जंगल वन विभाग के हैं और यहां वन विभाग किसानों के हितैषी ना होकर हाथ में हाथ धरे बैठा है।















