मुजफ्फरनगर। भारत सरकार के बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी के निर्देशन और जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के तत्वाधान में स्वामी विवेकानंद कन्या इंटर कॉलेज, जट मुझेडा में एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन संस्था एवं ग्रामीण समाज विकास केंद्र द्वारा संचालित 100 दिवसीय अभियान का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करना और समाज को इसके दुष्प्रभावों से अवगत कराना है।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रीना पवार ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली के माध्यम से बालिकाओं ने गांव और आसपास के क्षेत्रों में बाल विवाह के खिलाफ संदेश दिया। विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे समाजसेवी विकास पवार ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि बाल विवाह एक ऐसी सामाजिक कुरीति है, जिसे समाप्त करने के लिए समाज के अनेक महान सुधारकों—जैसे राजा राममोहन राय और स्वामी विवेकानंद—ने वर्षों पहले जागरूकता अभियान चलाए थे। उन्होंने कहा कि आज भी इस प्रथा को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।
जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन संस्था और ग्रामीण समाज विकास केंद्र के प्रबंधक गजेंद्र सिंह ने छात्राओं को बाल विवाह अधिनियम 2006 की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी बालक या बालिका का विवाह होना कानूनन अपराध है और यदि समाज में कहीं भी ऐसा प्रकरण दिखाई दे तो तुरंत भारत सरकार द्वारा संचालित चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना दें। इस दौरान विद्यालय की छात्राओं ने बाल विवाह पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें इस कुप्रथा के दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाते हुए लोगों को जागरूक किया गया। इसके अलावा छात्राओं द्वारा कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिनकी अतिथियों ने सराहना करते हुए उनकी हौसला-अफजाई की।
कार्यक्रम में भाग लेने वाली सभी छात्राओं को संस्था द्वारा प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किए गए। विद्यालय की प्रधानाचार्य सविता ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा संस्था के सदस्यों द्वारा सम्मान स्वरूप प्रतीक चिन्ह भेंट किए गए। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधक प्रेमपाल ने संस्था से ऐसे कार्यक्रम आगे भी आयोजित करने का आग्रह किया। कार्यक्रम का सफल संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से गौरव मालिक ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला प्रोबेशन विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन टीम और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
















