राजगढ़ (अलवर)। कस्बे स्थित खंडेलवाल धर्मशाला में जिला उद्योग केन्द्र अलवर के तत्वावधान में सरकारी योजनाओं की जानकारी देने को लेकर एक महत्वपूर्ण जागरुकता बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों, विशेषकर एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े व्यवसायियों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से अवगत कराना, उनकी कारोबारी दक्षता बढ़ाना और नवीनतम डिजिटल प्लेटफार्मों के उपयोग की दिशा में प्रोत्साहित करना रहा। इस कार्यक्रम में कस्बे के अनेक प्रतिष्ठित व्यवसायियों, समाजसेवियों और युवा उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में जिला उद्योग केन्द्र अलवर के संयोजक पंकज गोयल ने उद्यमियों को संबोधित करते हुए बताया कि उद्योग एवं व्यापार जगत में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए समय के साथ तकनीकी रूप से सक्षम होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जागरुकता अभियान के अंतर्गत एमएसएमई उद्यमियों को उन योजनाओं की जानकारी देना महत्वपूर्ण है, जिनसे वे अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं। उन्होंने विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्मों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि आज के दौर में ऑनलाइन प्रक्रियाओं के माध्यम से उद्योग स्थापत्य, वित्तीय सहायता, मार्केटिंग और डॉक्यूमेंटेशन जैसे कार्य बेहद सरल हो गए हैं। ऐसे में छोटे और मध्यम उद्यमियों को इन सुविधाओं का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए।
बैठक में वक्ताओं द्वारा ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) नीति के तहत जिले में चयनित उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई। साथ ही पीएम विश्वकर्मा योजना के विभिन्न प्रावधानों, पात्रता मानदंडों, पंजीकरण प्रक्रिया, ऋण सहायता और प्रशिक्षण मॉड्यूल पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि यह योजना पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सशक्त बनाने और उनके व्यवसाय को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस अवसर पर जिला उद्योग केन्द्र की जिला अधिकारी नीलम कुंडारिया ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देना और युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे उपलब्ध योजनाओं का लाभ उठाकर अपने कौशल को निखारें तथा नए अवसरों को अपनाएं। कार्यक्रम में ट्रेनर जितेंद्र यादव ने व्यावहारिक प्रशिक्षण और योजना आवेदन की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया, जिससे उपस्थित लोगों को योजनाओं के लाभ उठाने में आसानी हो सके।
बैठक के दौरान उद्यमियों ने अपने सवाल भी पूछे, जिनका समाधान अधिकारियों और विशेषज्ञों द्वारा मौके पर ही किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि इस तरह की जानकारियां वास्तव में व्यवसाय को मजबूत करने में सहायक होती हैं और सरकार का यह प्रयास सराहनीय है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया और भविष्य में भी ऐसे उपयोगी कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया गया।























































