मुज़फ्फरनगर के आईटीआई कैंपस, मेरठ रोड स्थित परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित मेगा शिविर में परिवहन विभाग उत्तर प्रदेश, जनपद मुज़फ्फर नगर की ओर से एक आकर्षक और जागरूकता से परिपूर्ण स्टॉल लगाया गया। यह स्टॉल जिला अधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देशन में स्थापित किया गया, जिसका उद्देश्य आमजन को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना था। मेगा शिविर में विभिन्न विभागों की सहभागिता रही, लेकिन परिवहन विभाग का स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा। स्टॉल पर सड़क सुरक्षा – जीवन रक्षा अभियान के अंतर्गत कैलेंडर, हैंडबिल्स, पैम्फलेट, फ्लायर्स और फ्लेक्स के माध्यम से आगंतुकों को यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान एआरटीओ प्रवर्तन सुशील कुमार मिश्र और आरआई टेक्निकल रोमेश अग्रवाल ने स्टॉल पर पहुंचने वाले सभी आगंतुकों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की।
उन्होंने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने, नशे की हालत में वाहन न चलाने, ओवरस्पीडिंग से बचने और ट्रैफिक सिग्नलों का पालन करने जैसे महत्वपूर्ण नियमों पर विशेष बल दिया। मेगा शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में नोडल अधिकारी मेगा शिविर एवं अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश विष्णु चन्द्र वैश्य, अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रितिश सचदेवा तथा सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डॉ. सत्येंद्र कुमार चौधरी ने भी स्टॉल का अवलोकन किया। परिवहन विभाग की ओर से उन्हें सड़क सुरक्षा शपथ प्रतीक और सड़क सुरक्षा नियमों से संबंधित कैलेंडर भेंटकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है और इस प्रकार के अभियान दुर्घटनाओं में कमी लाने में सहायक सिद्ध होंगे। स्टॉल पर मौजूद कर्मचारियों ने लोगों को बताया कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए हर व्यक्ति का दायित्व है कि वह स्वयं भी नियमों का पालन करे और दूसरों को भी प्रेरित करे। आयोजन के दौरान परिवहन विभाग की ओर से शोबी जैदी और अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दिया। मेगा शिविर में आए नागरिकों ने स्टॉल से सामग्री प्राप्त कर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया। इस तरह यह आयोजन न केवल जानकारी देने का माध्यम बना, बल्कि जनसुरक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी देकर गया।















