धरना प्रदर्शन के दौरान एक ग्रामीण द्वारा आत्मदाह का प्रयास

शाहपुर कस्बे में उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया जब किशोरी से रेप की घटना के विरोध में चल रहे धरना-प्रदर्शन के दौरान एक ग्रामीण ने आत्मदाह का प्रयास कर लिया। जानकारी के अनुसार, कस्बा पुलिस चौकी के सामने बड़ी संख्या में ग्रामीण पुलिस की निष्क्रियता के विरोध में धरना दे रहे थे। इसी दौरान एक ग्रामीण अचानक उठकर अपने ऊपर केरोसिन तेल उड़ेलने लगा और खुद को आग लगाने की कोशिश की। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल सतर्कता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और थाने ले जाकर स्थिति को संभाला। इस घटना से कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया लेकिन पुलिस ने हालात पर काबू पा लिया।ग्रामीणों का आरोप है कि किशोरी से हुए रेप की घटना में पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में ढिलाई बरती, जिसके चलते आक्रोशित लोग धरने पर बैठे हैं। खास बात यह रही कि कई दिनों से चल रहे इस धरने में अब तक कोई भी जनप्रतिनिधि ग्रामीणों का हाल जानने नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत चुनाव के समय कई नेता और समाजसेवी गली-गली घूमते नजर आते हैं, लेकिन इस गंभीर मसले पर सबने चुप्पी साध रखी है।धरनास्थल पर पहुंची मुजफ्फरनगर की समाजसेविका शालू सैनी ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से भी वार्ता कर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने की कोशिश की। शालू सैनी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।ग्रामीणों का गुस्सा जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी को लेकर ज्यादा देखने को मिला। उनका कहना है कि जनता के मुद्दों पर नेताओं की चुप्पी यह साबित करती है कि उन्हें सिर्फ वोट की राजनीति से मतलब है। उधर, पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच तेजी से चल रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।इस पूरे घटनाक्रम ने इलाके में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ ग्रामीण न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं, वहीं दूसरी ओर नेताओं की अनुपस्थिति और एक ग्रामीण द्वारा आत्मदाह का प्रयास इस आंदोलन को और गंभीर बनाता जा रहा है।

 

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts