वॉशिंगटन/बीजिंग – दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं, अमेरिका और चीन, एक बार फिर ट्रेड वॉर के खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई हैं। अमेरिका द्वारा चीन से आयात होने वाले सैकड़ों उत्पादों पर नए टैरिफ लगाने के बाद चीन ने भी पलटवार करने के संकेत दिए हैं। इसका असर अब ग्लोबल सप्लाई चेन पर पड़ना तय है, जिससे मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहनों से लेकर रोजमर्रा की चीजों तक के दाम आसमान छू सकते हैं।
क्यों बढ़ा तनाव?
- अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए चीन से आने वाले टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स पर भारी टैक्स बढ़ा दिए हैं।
- चीन ने इस कदम को “आर्थिक आक्रामकता” करार देते हुए अमेरिका के कई कृषि और तकनीकी उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है।
किन चीजों के दाम बढ़ेंगे?
- मोबाइल फोन और कंप्यूटर – माइक्रोचिप्स और असेंबली दोनों पर असर।
- इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) – बैटरी और कंपोनेंट्स महंगे होंगे।
- घरेलू उपकरण – वॉशिंग मशीन, एसी, रेफ्रिजरेटर की कीमतें बढ़ेंगी।
- कृषि उत्पाद – अमेरिका-चीन दोनों प्रमुख सोया, मक्का जैसे उत्पादों के व्यापारी हैं।
भारत और बाकी देशों पर असर
- महंगाई का झटका: भारत जैसे देश, जो चीन और अमेरिका से कच्चा माल लेते हैं, उन्हें महंगाई का सामना करना पड़ेगा।
- उद्योगों में रुकावट: इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी सेक्टर को झटका लगेगा।
- शेयर बाजार में गिरावट: ट्रेड वॉर की वजह से वैश्विक बाजारों में गिरावट देखी जा रही है।
आगे क्या?
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो यह विवाद वैश्विक मंदी का कारण बन सकता है। वहीं, कुछ देश इसे मौका मानकर अमेरिका और चीन के विकल्प के रूप में खुद को पेश कर सकते हैं।















