मेरठ में पति सौरभ को टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में सीमेंट के घोल के साथ भरने वाली मुस्कान ने जेल में ही एक बच्ची को जन्म दिया है। अपने जन्म के साथ ही इस बच्ची की कुंडली भी बन गई है।बच्ची का जन्म सोमवार को शाम 6.50 पर हुआ है। मेरठ के एक नहीं दो ज्योतिषाचार्य ने इस बच्ची की कुंडली बनाई है। दोनों ने बच्ची को लेकर लगभग एक जैसी भविष्यवाणी की है। ज्योतिषाचार्य राहुल अग्रवाल के अनुसार बच्ची के जन्मकाल में मिथुन लग्न और धनु राशि उदित है। ऐसे में बच्ची की जन्मपत्री अत्यंत शुभ योगों से युक्त है, जो उसके उज्ज्वल और प्रतिष्ठापूर्ण जीवन का संकेत देती है।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार दशम भाव में स्थित शनि उसे कर्मठ व मेहनती बनाते हैं। वहीं द्वितीय भाव में उच्च राशि के गुरु की नवम दृष्टि भाग्य को मजबूत कर रही है। लग्नेश बुध पंचम भाव में शुक्र के साथ स्थित है, जो उसे बुद्धिमान, रचनात्मक और आकर्षक व्यक्तित्व प्रदान करेगा। पंचम भाव को पूर्वजन्म के पुण्य कर्मों का भाव माना गया है, अत: यह संयोग अतिरिक्त शुभ फल देने वाला है। संक्षेप में कहें तो बच्ची को ज्योतिषाचार्य ने भाग्यशाली बताया है।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार नवम भाव में राहु और छठे भाव में सूर्य-मंगल की युति बच्ची को साहस, आत्मविश्वास और संघर्षों पर विजय पाने की क्षमता प्रदान करती है। ऐसी ग्रह स्थिति वाले बच्चे कठिन परिस्थितियों से भी आसानी से बाहर निकल आते हैं और समाज में मान-सम्मान अर्जित करते हैं। उन्होंने बताया कि धनु राशि व पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जन्मी इस बच्ची का नाम ‘ढा’ अक्षर से रखा जा सकता है। धनु राशि के अनुसार ‘यशिका’ जैसे नाम भी उपयुक्त रहेंगे। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह बालिका न तो मांगलिक है और न ही मूल नक्षत्र दोष में पैदा हुई है।
भले ही मुस्कान का अब पूरा जीवन जेल में ही कटे लेकिन ज्योतिषाचार्य के अनुसार उसकी यह बेटी जीवन के हर क्षेत्र में प्रगति करेगी और सद्भाव, सदाचार व साहस की मिसाल बनेगी। दशम भाव में शनि, द्वितीय में उच्च गुरु व पंचम में बुध-शुक्र का योग इसे अत्यंत भाग्यशाली बनाता है। यह बच्ची आत्मविश्वासी, साहसी और विजय प्राप्त करने वाली होगी।
एक अन्य ज्योतिषाचार्य अमित गुप्ता के अनुसार बच्ची का भविष्य कर्मठता और सौभाग्य से भरा रहेगा। बच्ची की शिक्षा का योग उत्तम है, क्योंकि पंचम स्थान में लग्नेश बुध एवं पंचमेश शुक्र बैठे है। वहीं छठा घर जो कि कारावास का है। वहां पापी ग्रह मंगल स्वगृहि है और सूर्य के साथ है, इसलिए कन्या का जन्म जेल में हुआ। बच्ची तांबे के पैरों हुई है अभी शुक्र की दशा चल रही है, जिसके चलते मार्च 2028 तक कारावास में ही रहने का योग है।















