मुजफ्फरनगर। जडौदा स्थित होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में भव्य आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी तथा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि जिला महिला अस्पताल की प्रबंधक प्रियंका तोमर, बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक सुशील कुमार, बाल कल्याण समिति सदस्य डॉ. राजीव कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्वयंसेवक गौरव मलिक व धनीराम, बालिकाओं तथा प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए विभिन्न कलाकृतियों के माध्यम से सभी का ध्यान आकर्षित किया।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विद्यालय में आयोजित बैडमिंटन प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को अतिथियों द्वारा अंगवस्त्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाली छात्राओं में सृष्टि, अनामिका, पीहू, विधि, आरूषी, शिवी, अनुश्री दहिया, आफिया, प्रियांशी पाल, खुशी, निवेदी, आराध्या, इच्छा और अंशिका शुक्रालिया प्रमुख रहीं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रियंका तोमर ने छात्राओं की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी अत्यंत आकर्षक और प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के अधिकार, सम्मान और समानता को समर्पित दिवस है तथा आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं।
जिला समन्वयक सुशील कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि यह दिवस हमें याद दिलाता है कि शिक्षा, राजनीति, विज्ञान, खेल और अन्य सभी क्षेत्रों में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि समाज को महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए समान अवसर प्रदान करने चाहिए। वहीं डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत वर्ष 1908 में अमेरिका में महिलाओं के अधिकारों को लेकर हुए आंदोलन से हुई थी, जब महिलाओं ने बेहतर कार्य परिस्थितियों, उचित वेतन और मतदान के अधिकार की मांग उठाई थी। बाद में वर्ष 1910 में कोपेनहेगन सम्मेलन में इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाने का प्रस्ताव रखा गया और तब से यह दिवस विश्वभर में मनाया जाने लगा।
इस क्रम में गौरव मलिक ने कहा कि महिलाओं को समान अधिकार और अवसर दिलाना समाज के हर व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है और यह केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति और सम्मान का प्रतीक माना गया है और हमारे ग्रंथों में भी कहा गया है कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है।
आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी में अमरीश कुमार के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने पेंटिंग, पोर्ट्रेट, स्टोन आर्ट और विभिन्न क्राफ्ट तैयार कर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसमें अनमोल, अर्पिता, आराध्या, खुशी, शिवांश, विधि, सावन, अदिति और फरहान सहित कई विद्यार्थियों की कलाकृतियों ने सभी को प्रभावित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में जितेन्द्र कुमार, नितिन बालियान, सतकुमार, रजनी शर्मा, रूपेश और शुभम कुमार सहित विद्यालय परिवार का विशेष सहयोग रहा।















