दिल्ली में नशे के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने एक व्यापक नशा विरोधी अभियान शुरू करने की घोषणा की है। यह अभियान अगले महीने से शुरू होगा और इसका उद्देश्य अगले तीन वर्षों में दिल्ली को नशा मुक्त बनाना है।
अभियान की मुख्य विशेषताएं:
- सामाजिक और अंतरराष्ट्रीय पहलू:
- एलजी ने नशीली दवाओं के खतरे को युवाओं के स्वास्थ्य और सामाजिक ताने-बाने के लिए हानिकारक बताया। उन्होंने इसे एक रणनीतिक चुनौती के रूप में पेश किया, जिससे देश कमजोर हो सकता है।
- जांच और कार्यवाही:
- अभियान के तहत 200 छात्रावास, 50 कॉलेज, 200 स्कूल, 500 पान की दुकानें, 200 बार और रेस्तरां, और सभी आश्रय घरों की जांच की जाएगी।
- रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी जैसे सार्वजनिक स्थलों पर नशा मुक्त माहौल सुनिश्चित करने के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।
- समाज और शिक्षा से जुड़ाव:
- शिक्षकों और अभिभावकों को नशे के खतरों के प्रति जागरूक करने के लिए एडवाइजरी जारी की जाएगी।
- समाज कल्याण विभाग को इस पहल में शामिल किया जाएगा ताकि स्कूलों और अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
- मुखबिरों को प्रोत्साहन:
- नशे के नेटवर्क की जानकारी देने वाले मुखबिरों के लिए आकर्षक पुरस्कार की व्यवस्था की जाएगी, और उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
- जन जागरूकता अभियान:
- रेडियो, टेलीविजन, सोशल मीडिया, और सार्वजनिक परिवहन के जरिए जागरूकता फैलाने के लिए सघन अभियान चलाए जाएंगे।
- नारे, पोस्टर, और बैनर डीटीसी बसों, ऑटो-रिक्शा, टैक्सियों, और सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित किए जाएंगे।
इस अभियान का उद्देश्य नशे के नेटवर्क को खत्म करना, नशीली दवाओं की मांग को कम करना और दिल्ली में एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज का निर्माण करना है।























































