अमेरिका से टकराव के बीच ईरान ने कुवैत पर साधा निशाना, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी चिंता.

सीजफायर के बीच अमेरिका से झड़प में ईरान ने कुवैत को निशाने पर लिया है. पिछले 72 घंटे में ईरान ने कुवैत पर 2 बड़े हमले किए हैं. कुवैत सेना का कहना है कि ईरान ड्रोन और मिसाइलों के जरिए हमला कर रहा है. वहीं ईरान का कहना है कि बदला लेने के लिए कुवैत स्थित अमेरिकी बेस पर हमला किया जा रहा है. अब तक अमेरिका से बदला लेने के लिए ईरान यूएई पर सबसे ज्यादा हमला करता रहा है.

फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक ईरान जंग के दौरान तेहरान ने यूएई पर करीब 2400 हमले किए थे. हालांकि, वर्तमान में ईरान सिर्फ कुवैत के ठिकानों पर ही हमला कर रहा है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यूएई को छोड़कर ईरान कुवैत को निशाने पर क्यों ले रहा है?

ईरान की रडार पर कुवैत क्यों?

1. कुवैत फारस की खाड़ी के एक छोड़ पर स्थित है. यह ईरान के पड़ोस में है, जो अमेरिका का सहयोगी मुल्क है. यहां पर अमेरिका के कई बड़े बेस हैं. इनमें कैंप अरिफिजान, कैंप बुहिरिंग और अल सलेम एयरबेस प्रमुख हैं. द हिल की रिपोर्ट के मुताबिक कुवैत में अमेरिका के 13 हजार जवान तैनात हैं.

2. यूएई के मुकाबले कुवैत कूटनीतिक तौर पर काफी कमजोर है. मई के मध्य में ईरान ने कुवैत के एक द्वीप पर कब्जा करने का प्रयास किया था. हालांकि, तेहरान को सफलता नहीं मिल पाई थी.

3. संयुक्त अरब अमीरात ईरान पर हमले करने में सक्षम है. अगर अमेरिका के बदले ईरान यूएई पर हमला करता है तो अबू धाबी पलटवार कर सकता है. इससे खाड़ी युद्ध में तेजी आ सकती है. बातचीत के बीच ईरान नो-रिस्क मोड में है.

अमेरिका ने ईरान पर हमला किया

दूसरी तरफ अमेरिका का ईरान पर हमला जारी है. पहले अमेरिका ने ईरान के टैंकरों को निशाने पर लिया. इसके बाद रविवार को ईरान के एक द्वीप पर अमेरिका ने हमला किया है. सेंटकॉम का कहना है कि यह एक सैन्य ठिकाना था.अमेरिका ने ईरान पर ऐसे वक्त में हमला किया है, जब दोनों देश के बीच समझौते को लेकर बातचीत चल रही है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते के लिए ईरान को खुद से नया प्रस्ताव भेजा है.

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