अलवर के भिवाड़ी साइबर क्राइम थाना ने अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्यवाही करते हुए करोड़ों रुपये की ठगी का खुलासा किया है। जयपुर रेंज के आईजी के सुपरविजन और एसपी प्रशांत किरण के निर्देशन में की गई जांच में पता चला कि गिरोह ने 1930 एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के अनुसार कुल 61 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की। इनमें अकेले पीड़ित योगेश जे. देसाई से 40 करोड़ रुपये की ठगी हुई। गिरोह फर्जी फर्म बनाकर फर्जी बैंक खाते खोलता और इन्हें साइबर अपराधियों को बेचकर मोटा कमीशन कमाता था।
पुलिस ने दबिश देकर तीन आरोपियों—वकील अहमद, रसीद और अजमत अली—को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 11 बैंक चेकबुक, 4 एटीएम कार्ड, 4 क्यूआर कोड, 1 स्वाइप मशीन और 5 मोबाइल फोन बरामद हुए। पड़ताल में खुलासा हुआ कि अभियुक्तों द्वारा संचालित खातों पर देशभर के विभिन्न राज्यों से 100 से अधिक फ्रॉड शिकायतें दर्ज हैं। इनमें एचडीएफसी बैंक खाते में 20 लाख रुपये, ओवरसीज बैंक खाते में 50 करोड़ रुपये और तमिलनाडु बैंक खाते में 11 करोड़ रुपये का लेनदेन शामिल है।
शातिर गिरोह साइबर ठगी की राशि को इन खातों में मंगवाकर 10–20% कमीशन लेता और बाकी रकम ठगों तक पहुंचाता था। इस तरह पूरे गिरोह ने इंटरस्टेट साइबर म्यूल नेटवर्क चला रखा था। कार्रवाई में डीएसपी जयसिंह के नेतृत्व में एसआई बिसना, कानि मुकेश चौधरी, कानि संदीप और आशीष ने विशेष भूमिका निभाई। पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य सहयोगियों की भी जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं और जांच लगातार जारी है।















