मुजफ्फरनगर। धनगर समाज उत्थान समिति के नेतृत्व में समाज के लोगों ने जाति प्रमाणपत्र जारी करने में हो रही कथित अनियमितताओं को लेकर शासन और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए जल्द समाधान की मांग की है। रुड़की रोड स्थित होटल ग्रीन ऐप्पल में आयोजित प्रेस वार्ता में समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि अनुसूचित जाति के पात्र लोगों को नियमानुसार जाति प्रमाणपत्र नहीं मिल रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। समिति का आरोप है कि कई मामलों में तहसील स्तर पर एक ही परिवार के पिता और पुत्र की जाति अलग-अलग मानते हुए प्रमाणपत्र जारी करने से इनकार किया जा रहा है। समाज का कहना है कि यदि परिवार के किसी सदस्य का जाति प्रमाणपत्र पहले से जारी है तो अन्य पात्र सदस्यों को भी उसी आधार पर प्रमाणपत्र मिलना चाहिए, लेकिन लोगों को लंबे समय से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। समाजवादी पार्टी के शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष सतेंद्र पाल ने कहा कि धनगर समाज अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल होने के बावजूद अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर है। मंडल अध्यक्ष रवि कुमार ने चेतावनी दी कि यदि पात्र लोगों के प्रमाणपत्र समयबद्ध तरीके से जारी नहीं किए गए तो समाज आगामी चुनावों में अपने लोकतांत्रिक निर्णय पर पुनर्विचार करेगा।
वहीं जिला अध्यक्ष लोकेश कुमार धनगर ने कहा कि यदि समस्याओं का निष्पक्ष समाधान नहीं हुआ तो धनगर समाज संविधान और कानून के दायरे में रहकर जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू करेगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। प्रेस वार्ता में एडवोकेट रवि धनगर, बृजेश धनगर, बिजेंद्र धनगर, सतीश धनगर, आनंद धनगर, डॉ. प्रवीण धनगर सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। पुरबालियान, खानुपुर, शाहपुर, पुरकाजी, झबरपुर, धमात, शकरपुर, भोजाहेड़ी, बरवाला और अन्य गांवों से पहुंचे लोगों ने एकजुट होकर जाति प्रमाणपत्र से जुड़ी समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग दोहराई।















