अजमेर:राजस्थान के अजमेर में सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद आखिरकार 7 वंडर्स को तोड़ा जा रहा है. जी हां, यहां पर बने 7 वंडर्स पार्क पर जेसीबी का पीला पंजा चल रहा है. यह कार्रवाई आनन-फानन में शुरू की गई है. करोड़ों की लागत से बने इस पार्क को अधिकारियों की लापरवाही के कारण बर्बाद किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट की दखल और तय समय में पार्क को हटाने की प्रक्रिया पूरी करने के दबाव में शुक्रवार को यह प्रक्रिया शुरू की गई है.अजमेर में सेवन वंडर्स पार्क में शुक्रवार सुबह से ही प्रशानिक अमला जुड़ा हुआ है और लगातार दुनिया के सात अजूबों की हूबहू नकल पर बुलडोजर चलाया जा रहा है. इसके कुछ वीडियोज भी सामने आए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 6 महीने पहले ही इस पार्क को हटाने के आदेश दिए थे. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अजमेर विकास प्राधिकरण यानी एडीए ने एक्शन के लिए टेंडर भी जारी किए थे. हलांकि सिर्फ एक ही कंपनी ने बोली लगाई थी जिसकी वजह से टेंडर को निरस्त करना पड़ा था.इससे पहले जब 6 महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस पार्क को हटाने का आदेश जारी किया था तब केवल एक प्रतिमा को ही हटाकर नीचे रखा गया था. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की थी.
प्रोसेस में है टेंडर
एडीए ने इसके बाद एक बार फिर से टेंडर जारी किया था जो कि अभी भी प्रोसेस में है. जिला प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा पेश किया था कि 17 सितंबर तक इसे हटा दिया जाएगा. 25 फरवरी को हुई सुनवाई में स्मार्ट सिटी की एसीईओ और नगर निगम कमिश्नर की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट पेश किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर नाराजगी जाहिर की थी और एफिडेविट को स्वीकार नहीं किया था.
11.64 करोड़ की लागत से बना
बता दें कि अजमेर में बना यह सेवन वंडर्स पार्क 11.64 करोड़ की लागत से बना था. इसे स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत बनाया गया था. इस पार्क में सात अजूबों की प्रतिकृतियां बनाईं गईं हैं. इसमें ताजमहल, पेरिस का एफिल टावर, मिस्क्ष के पिरामिड, पीसा की झुकी हुई मीनार, रोम का कॉलेजियम, न्यूयॉर्क का स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी और रियो डी जेनेरियो की क्राइस्ट दी रिडीमर की प्रतिमा शामिल है.















