छपरा. छपरा और सीवान जिले में जहरीली शराब ने एक बार फिर मौत का तांडव किया है. दोनों जिले में लगातार मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. अब तक जहरीली शराब से 26 लोगों की मौत हुई है. इस बीच गोपालगंज सदर अस्पताल से भी दो लोगों को पटना रेफर करने की बात कही जा रही है. कई लोगों की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है. पहचान कर सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है. कुछ लोगों को छपरा सदर अस्पताल से भी पटना रेफर कर दिया गया है. कई लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी. इनमें से कुछ अब ठीक होने लगे हैं.
पुलिस की मानें तो कई लोगों ने हाट में लगे मेले में बिक रही पाउच बाली शराब पी थी. अब पूरे मामले की जांच बिहार पुलिस की मद्य निषेध इकाई की एसआईटी कर रही है. क्या हुआ था मंगलवार को, पीड़ितों ने खुद बयां किया.
शराब पीने के कुछ ही घंटे के बाद जाने लगी आंख की रोशनी
मंटू कुमार ने लोकल 18 से बताया कि उसने मंगलवार की शाम को शराब का सेवन किया था. पीने के कुछ देर बाद रात से ही उसे दिखाई देना कम हो गया. धीरे-धीरे यह बढ़ते ही जाने लगा. अंदर से बेचैनी भी महसूस होने लगी. इसके बाद उसने घर वालों को पूरी बात बताई. फिर घरवाले उसे मशरख के स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराए. वहां पर भी ठीक नहीं होने पर बेहतर इलाज के लिए चिकित्सकों ने छपरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया. इसके बाद से यहां भर्ती हूं. पता नहीं अब आगे क्या होगा.
शराब पीने वाले सभी कराए गए हैं भर्ती
वहीं, धर्मेंद्र राम ने बताया कि वह मशरख स्वास्थ्य केंद्र में ठीक हो गया था. लेकिन चिकित्सकों ने उसे जबरन छपरा सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कर दिया. मैं बिल्कुल ठीक हूं. उन्होंने बताया कि जितने लोगों ने शराब पी थी. उन सभी लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि छपरा अस्पताल में भर्ती कुछ लोगों को पटना रेफर कर दिया गया है.
जहरीली शराब माफियाओं का अड्डा बन गया है मशरख
छपरा जिले का मशरख जहरीली शराब बेचेने वाले माफियाओं का अड्डा बन गया है. यही कारण है कि इस क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से मौत के बाद भी इसपर कंट्रोल नहीं लग पाया है. दिसंबर 2022 को भी मशरख, अमनौर और मढ़ौरा में जहरीली शराब पीने से 70 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी. इसमें सबसे अधिक मशरक के ही लोग थे. तीन दर्जन शवों का तो पोस्टमार्टम भी कराया गया था. इसके बावजूद महज दो साल के अंदर एक बार फिर बड़ा कांड हो गया है.















