पाकिस्तान के कराची में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान हुई लापरवाह हवाई फायरिंग ने जश्न को मातम में बदल दिया। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक वरिष्ठ नागरिक और एक 8 वर्षीय बच्ची भी शामिल हैं, जबकि 60 से अधिक लोग घायल हुए। पाकिस्तानी समाचार चैनलों के मुताबिक, शहर के कई इलाकों में ऐसी घटनाएं दर्ज हुईं। अजीजाबाद में एक युवती घायल हो गई, जबकि कोरंगी में स्टीफन नामक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई। कुल मिलाकर, पूरे कराची में हुई इस तरह की फायरिंग की घटनाओं में कम से कम 64 लोग घायल हुए हैं।
अधिकारियों ने इस घटना की निंदा की
बचाव अधिकारियों ने बताया कि जश्न में हुई गोलीबारी में दर्जनों लोग घायल हो गए. उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए इसे लापरवाही और खतरनाक बताया. अधिकारियों ने नागरिकों से आग्रह किया कि सभी लोग स्वतंत्रता दिवस को सुरक्षित तरीके से मनाएं.
पुलिस ने इस मामले को लेकर अपनी जांच शुरू कर दी है और आश्वासन दिया कि हवाई फायरिंग में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्हें किसी भी हालात में बख्शा नहीं जाएगा.
जनवरी में गोलीबारी घटनाओं में गई थी 42 लोगों की जान
पाकिस्तान की एक न्यूज रिपोर्ट के अनुसार जनवरी में कराची में गोलीबारी की घटनाओं में पांच महिलाओं सहित कम से कम 42 लोगों की जान चली गई. इसके अलावा 233 लोग घायल हो गए थे.
शहर के अलग-अलग इलाकों में हुई गोलीबारी की घटनाओं में कुछ लोगों ने डकैतों की कोशिशों को नाकाम करते हुए अपनी जान गवां दी. इसमें पांच लोगों की मौत हो गई. इसके अलावा कुछ अन्य घटनाओं में, जैसे जश्न मनाने में, हवाई फायरिंग करने में कई लोगों ने जाने चली गईं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन घटनाओं के लिए कई कारक जिम्मेदार होते हैं, जिनमें मतभेद, व्यक्तिगत दुश्मनी और डकैती के प्रयासों को नाकाम करना शामिल है.
मौतों में हो रही वृद्धि
जनवरी की शुरुआत में कराची में सड़क दुर्घटनाओं, डकैती के विरोध और हवाई फायरिंग के कारण हो रही मौतों में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है. जानकारी के अनुसार, बच्चों और बुजुर्गों सहित 528 लोग सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए और 36 लोगों की मौत हो गई. इसके अलावा, डकैती के विरोध की घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई और 15 लोग घायल हो गए थे.















