मुजफ्फरनगर। राजधानी लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुजफ्फरनगर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने शहर के कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में व्यापक जांच अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़ के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित कोचिंग सेंटरों, अध्ययन केंद्रों और लाइब्रेरी का औचक निरीक्षण किया। इस अभियान में मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग कुमार, बिजली विभाग के अधिकारी तथा मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए) के अधिकारी भी शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान टीम ने लिंक रोड, भोपा रोड सहित शहर के कई प्रमुख और भीड़भाड़ वाले कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, फायर फाइटिंग उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा मानकों, भवन की संरचनात्मक सुरक्षा तथा विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की गहन जांच की। अधिकारियों ने यह भी देखा कि किसी आपात स्थिति में विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है या नहीं। कई संस्थानों में अग्निशमन यंत्र या तो अनुपयोगी पाए गए या निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिले।
प्रशासन की इस अचानक कार्रवाई से कोचिंग संचालकों में हड़कंप की स्थिति देखने को मिली। निरीक्षण टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही लिंक रोड स्थित एक अमेरिकन कोचिंग सेंटर बंद मिला, जहां ताला लगा हुआ था। अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित संस्थान की रिपोर्ट तैयार की। जांच के दौरान लगभग चार से पांच कोचिंग सेंटरों और अध्ययन संस्थानों में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं तथा सुरक्षा संबंधी कमियां पाई गईं। इनमें अग्निशमन उपकरणों की कमी, आपातकालीन निकास मार्गों का अवरुद्ध होना, विद्युत वायरिंग में खामियां तथा सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसी कमियां शामिल थीं।
गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए प्रशासन ने दो कोचिंग सेंटरों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग कुमार ने बताया कि शहर के सभी प्रमुख कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी प्रशासन की निगरानी में हैं तथा यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को विद्यार्थियों और अभिभावकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
























































