मुजफ्फरनगर। साक्षी वेलफेयर ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रांतिकारी शालू सैनी ने जानकारी दी कि ट्रस्ट टीबी मुक्त भारत अभियान में भारत सरकार व जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के साथ मिलकर पूरा सहयोग कर रहा है। इस अभियान के तहत ट्रस्ट द्वारा टीबी रोगियों को पोषण युक्त आहार की पोटली वितरित की गई, जिससे उन्हें उपचार के दौरान पोषण की कमी से न जूझना पड़े।इस अवसर पर ट्रस्ट की अध्यक्ष क्रांतिकारी शालू सैनी और महासचिव राजू सैनी ने टीबी विभाग के चिकित्साधिकारियों एवं वरिष्ठ स्टाफ को पीतांबर वस्त्र पहनाकर और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधों के गमले भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के प्रायोजकों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से सरकार द्वारा टीबी उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें मुजफ्फरनगर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। साक्षी वेलफेयर ट्रस्ट इस अभियान में न केवल जागरूकता फैला रहा है, बल्कि सेवा कार्यों के माध्यम से भी सहयोग कर रहा है।कार्यक्रम में शालू सैनी ने आम जन से भी अपील की कि वे इस अभियान से जुड़ें और अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी टीबी रोगी को गोद लेकर उन्हें पोषण पोटली उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि टीबी छुआछूत की बीमारी नहीं है, इस भ्रम को तोड़ने की जरूरत है। रोगियों से सामान्य व्यवहार किया जाना चाहिए और उनका मनोबल बढ़ाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने टीबी मरीजों से अपील की कि वे इलाज को समय पर पूरा करें और बीच में न छोड़ें, जिससे बीमारी पूरी तरह ठीक हो सके।मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने जानकारी दी कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देशानुसार जनपद में टीबी मरीजों के लिए पोषण पोटली वितरण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने साक्षी वेलफेयर ट्रस्ट के योगदान की सराहना करते हुए समाज के अन्य सक्षम लोगों और संस्थाओं से भी टीबी मरीजों को गोद लेने की अपील की। उन्होंने यह भी बताया कि नवंबर 2024 से सरकार द्वारा टीबी मरीजों को इलाज के दौरान प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है।कार्यक्रम में ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारी राजू सैनी, मंगलेश प्रजापति, एडवोकेट काजल, सुधा और सुमित सैनी ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के माध्यम से जनपद में टीबी के खिलाफ चल रहे अभियान को नई दिशा और ऊर्जा मिली है।















