गुजरात के गांधीनगर में गरबा कार्यक्रम के दौरान हुई पथराव की घटना के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिले में हुई इस घटना ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया था, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गए। बताया जा रहा है कि यह पथराव उस समय हुआ जब इलाके में गरबा का आयोजन चल रहा था और बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के अवसर पर मौजूद थे। अचानक कुछ असामाजिक तत्वों ने वहां पथराव शुरू कर दिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस घटना में कई लोग घायल हुए और कार्यक्रम में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए गांधीनगर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिले के संवेदनशील इलाकों में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान 190 से अधिक अवैध रूप से बनी दुकानों और ढांचों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई उन क्षेत्रों में की गई जहां से पथराव की घटनाएं हुई थीं या जहां असामाजिक गतिविधियों की आशंका जताई जा रही थी। प्रशासन का कहना है कि यह सिर्फ अतिक्रमण विरोधी अभियान नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई सख्त कार्रवाई है।
गांधीनगर पुलिस ने भी इस मामले में तेजी से काम करते हुए अब तक 66 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से कई लोगों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों की सूचना के आधार पर की गई है। पुलिस ने बताया कि पथराव में शामिल लोगों पर सख्त धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही, कुछ संदिग्धों की तलाश में कई इलाकों में छापेमारी भी की जा रही है।
प्रशासन ने साफ किया है कि नवरात्रि जैसे धार्मिक आयोजनों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला प्रशासन ने पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में गरबा कार्यक्रमों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
इस सख्त कार्रवाई के बाद इलाके में माहौल सामान्य बताया जा रहा है, जबकि प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।















