अलवर जिले के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में रामकुमार नामक युवक की मौत हो गई। यह हादसा मीणापुर गांव में उस समय हुआ जब रामकुमार अपने भाई और कुछ रिश्तेदारों के साथ बहन को पटाव छोड़ने गया था। वापस लौटते समय ट्रैक्टर तेज गति से ब्रेकर पर उछला, जिससे रामकुमार नीचे गिर गया और ट्रैक्टर के पिछले टायर की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि रामकुमार की मौके पर ही मौत हो गई। यह पूरी घटना थाना क्षेत्र से महज एक किलोमीटर दूर हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
परिजनों ने बताया कि ट्रैक्टर चला रहे रतिराम ने शराब पी रखी थी और उसे धीमे चलाने की हिदायत दी गई थी, लेकिन वह नहीं माना और तेज रफ्तार में वाहन चलाता रहा। हादसे के तुरंत बाद चालक रतिराम मौके से फरार हो गया। मृतक के भाई ने बताया कि शव को अलवर के जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। रामकुमार मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था और उसके पीछे तीन छोटे-छोटे बच्चे रह गए हैं।
हादसे के बाद परिजनों का आरोप है कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। मृतक के परिजनों ने प्रधान दौलत राम और आरटीओ अधिकारी राम खिलाड़ी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे रात में घर आए और समझौते का दबाव डालते हुए बोले, “जो हो गया उसे भूल जाओ, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” इस बयान से पीड़ित परिवार में रोष है और उन्होंने पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग की है। हालांकि, आरटीओ अधिकारी राम खिलाड़ी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए खुद के वहां जाने से ही इनकार किया है।
इस पूरे मामले में अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या पुलिस शराब के नशे में लापरवाही से ट्रैक्टर चलाने वाले चालक और कथित तौर पर मामले को दबाने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी या यह मामला भी अन्य हादसों की तरह धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चला जाएगा? फिलहाल परिजनों का कहना है कि वे अंतिम सांस तक अपने भाई के लिए न्याय की लड़ाई लड़ेंगे।















