महाकालेश्वर मंदिर में शिव विवाह कथा का हुआ भावपूर्ण वर्णन प्रकृति व परम पुरूष का मिलन ही शिव विवाह: कालेंद्रानंद

सहारनपुर में शिव-पार्वती के विवाह का दृश्य। स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने शिव विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति और परम पुरुष का मिलन ही शिव विवाह है। आत्मा और परमात्मा के आत्मसात होने की प्रक्रिया को ही शिव विवाह कहा गया है। देहरादून रोड स्थित जमालपुर के महाकालेश्वर महादेव मंदिर में चल रही शिव महापुराण कथा के अंतर्गत  कथा आयोजन महाकालेश्वर मंदिर शिव समिति के तत्वावधान में किया गया, जिसमें मुख्य यजमान के रूप में प्रदीप पाल एवं रॉकी कश्यप ने अपने परिवार सहित शिव महापुराण का पूजन कर महाराज श्री का तिलक कर आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रवचन के दौरान स्वामी कालेंद्रानंद जी महाराज ने कहा कि मां पार्वती प्रकृति स्वरूप हैं और भगवान शिव परम पुरुष का प्रतिनिधित्व करते हैं। जब आत्मा साधना और तप द्वारा जागृत होती है, तब परमात्मा स्वयं उसके जीवन में शिव रूप में प्रकट होते हैं। यही शिव विवाह की आध्यात्मिक व्याख्या है। उन्होंने यह भी कहा कि शिव तत्व सर्वव्यापक, निराकार और निर्विकल्प है। शिव कोई मूर्त रूप नहीं, बल्कि गुणात्मक सत्ता हैं, जो समस्त सृष्टि के कल्याण में सहायक हैं। शिव के बिना जीवन की कल्पना अधूरी है। इस अवसर पर सुभाष कश्यप, सुधीर कश्यप, सुखबीर कश्यप, सागर गुप्ता, रमेश शर्मा, सोनू कश्यप, मोनू कश्यप, नीरज कश्यप, मांगेराम कश्यप सहित रेखा, कमला, बबीता, राखी, रोमा, अंजलि, दिव्या, दीपा आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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